प्रतापगढ़ में सफेद हाथी साबित हो रहा छह करोड़ की लागत से बना नया पुल

पिछले तीन दशक से लोग इस घाट पर पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं।
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 04:41 PM (IST) Author: Brijesh Srivastava

प्रतापगढ़,जेएनएन। संपर्क मार्ग के अभाव में चमरौधा नदी के दोमुंहा घाट पर छह करोड़ रुपए की लागत से बना पुल  सफेद हाथी साबित हो रहा है। दस माह पहले बने इस पुल को संपर्क मार्ग से न जोड़े जाने से इसका लाभ क्षेत्रीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जबकि पुल निर्माण में लगी कार्यदाई संस्था सिंचाई विभाग ने समय से पूर्व पुल निर्माण करके कीर्तमान स्थापित किया था।

सदर व पट्टी विधानसभा को सीधे जोडऩे में चमरौधा नदी के दो मुंहाघाट पर पुल का न होना क्षेत्रीय लोगों को अखर रहा था। पिछले तीन दशक से लोग इस घाट पर पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं। पुल के न होने से बांस की चहली बना कर नदी पार करते थे। वर्ष 2018 में शासन ने इस घाट पर पुल निर्माण की स्वीकृत देते हुए छह करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया। पुल निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग के खंड 51 प्रतापगढ को सौंपा गया था। शासन ने पुल निर्माण के लिए मार्च 2020 तक का समय निर्धारित किया था।

अक्टूबर 2018 में शुरु हुए पुल निर्माण को कार्यदाई संस्था ने निर्धारित समय से पहले जनवरी 2020 में ही पूरा कर लिया। पुल निर्माण हुए दस महीने का समय बीत गया, लेकिन अभी संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं कराया जा सका है। इससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बाबूका  पुरवा व पाराहमीदपुर से पुल तक रास्ता न होने से चार पहिया वाहन नहीं गुजर पा रहे हैं। मोटरसाइकिल व साइकिल सवार तो किसी तरह पुल तक पहुंच जाते हैं, लेकिन चार पहिया वाहन उधर से नहीं गुजर पा रहे हैं। जबकि कांधरपुर की ओर बनी सड$क जर्जर हो चुकी है। मार्ग पर बड़े- बड़े गड्ढे  हो गए हैं। बरसात के दिनों में इसमें पानी भरा रहता है। इससे इस मार्ग से यात्रा करना जोखिम भरा हुआ है।

पुल निर्माण के बाद यदि संपर्क मार्ग का निर्माण जल्द हो जाय तो चंडिकाधाम, नगर पंचायत अंतू, उमरी, दांदूपुर दौलत, पाराहमीदपुर, बाबू का पुरवा गाजीपुर सहित दो दर्जन गांव के लोगों को पट्टी व सुल्तानपुर जाने के लिए करीब बीस किलोमीटर दूरी कम तय करनी होगी। वहीं उनका रास्ता भी सुगम हो जाएगा। क्षेत्रीय लोगों ने सांसद व विधायक से जल्द संपर्क मार्ग के निर्माण करवाए जाने की मांग की है। जिससे की लोगों को नदी पर बने पुल का लाभ मिल सके।

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