बारिश से खेत में गिरी धान की फसल, किसान हुए चिंतित कि बेकार न हो जाए पूरी मेहनत

पिछले तीन दिनों से मौसम की करवट से बारिश के आसार बन रहे थे।आसमान में बादल छाए होने से बारिश की आशंका से किसान सहमे थे कि रविवार की शाम से बारिश शुरू हुई और रात में तेज हवा भी। इससे फसलों को नुकसान हुआ है

Ankur TripathiTue, 19 Oct 2021 09:40 AM (IST)
बिन मौसम बरसात से खेतों में पकी खड़ी व कटी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अचानक बदले मौसम से रविवार की रात और सोमवार को भी क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई। इस बिन मौसम बरसात से खेतों में पकी खड़ी व कटी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। धान की खड़ी फसलें तेज हवा के चलते खेत में लेट गई हैं। वहीं तिलहन की बुआई भी पिछड़ने की उम्मीद है। इससे किसान अपनी गाढ़ी कमाई को बर्बाद होता देख परेशान हैं। किसानों का कहना है कि रात में बारिश के साथ तेज हवा में लगभग एक घंटे तक बारिश हुई। इस बीच खेत में तैयार धान की खड़ी फसल खेत में गिर गई। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खड़ी फसल के खेत मे गिरने से काफी नुकसान हुआ है।

आशंकित थे किसान

पिछले तीन दिनों से मौसम की करवट से बारिश के आसार बन रहे थे।आसमान में बादल छाए होने से बारिश की आशंका से किसान सहमे ही थे कि रविवार की शाम से बारिश शुरू हुई और रात में तेज हवा के साथ क्षेत्र में बदरा भी झूमकर बरसे। इससे किसानों को फसलों को नुकसान हुआ है। तेज हवा हवा आंधी के चलते क्षेत्र के कई गांव में धान की तैयार फसलें खेतों में गिर गई हैं, जिससे किसान नुकसान उठाने पर मजबूर हैं । क्षेत्र के सुरवा मिश्रपुर, बेहदौल, भवानीगढ़ बिरईपुर रामापुर थरिया सहित गांव में धान की पकी फसल खेतों में गिर गई । किसान तीर्थराज पटेल, कमला कांत तिवारी, राकेश, आशुतोष यादव, बैजनाथ यादव की धान की फसल भी खेतों में गिर गई है । रामापुर गांव में भी तेज हवा के चलते धान की फसल खेतों में गिर जाने से किसान परेशान हैं । इसी तरह स़डिला निधी पट्टी मंशाराम का पूरा शाहपुर तिवारीपुर पूरेबसहू लपकन शेखूपुर कसेरुआ सहित स्थानों पर धान की फसल खेतों में गिर गई।

पुरवा हवाओं के बाद रविवार को आधी रात के बाद हुई तेज बारिश से धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पककर तैयार धान तेज हवाओं के झोंके से खेतों में गिर गए हैं। साथ ही खेतों में बारिश का पानी भर जाने से धान की कटी हुई फसलें भी खराब हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में गिरी हुई फसल यदि जड़ से नहीं उखड़ी है तो यह धूप होने के साथ खड़ी हो जाएगी। फिर भी 20 से 30 फीसद उत्पादन घट जाएगा। क्षेत्र के श्रीनाथपुर, मरुआन, गांगपाटी, सराय गनई, पूरे दलपत शाह, आमापुर, दयाल गंज, भाटी कला, भाटी खुर्द, गौहानी, पिपरी खालसा, अमरपुर, नौहर हुसैनपुर, सिंग्ठी खालसा, भरथीपुर, ईशनपुर आदि गांव में धान की अगैती की फसल किसान खेतों में काट कर छोड़ दिए थे । रविवार की रात हुई भयंकर बरसात से खेतों में काटकर छोडी़ गई फसलें नष्ट हो गई। इसी तरह पचौरी, सदहा, विक्रम पट्टी, गोदल पट्टी, गोविंदपुर, धौरहरा, तीबीपुर्, कबीरपुर, दलापुर, धनेपुर,लबेदा, बेहटा, बिझला, दाउदपुर, अकारी पुर, पर्वतपुर सुलेमान, लाखीपुर आदि गांवों में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना कि सरकार सर्वे कराकर उचित मुआवजा दे। क्षेत्र के प्रेम प्रकाश पांडेय, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, गोलाही के सुनील कुमार सिंह, रोहित सिंह इसी क्रम में गजरिया, बिजहरा, लौवार, जयसिंहगढ़ सहित कई किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है।

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