UP परिषदीय स्‍कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई बिना किताबों के हो रही है, दो महीने बाद ही बच्‍चों को मिलेंगी किताबें

जब तक पुस्‍तक नहीं मिलती बच्‍चों की पढ़ाई कैसे होगी के प्रश्‍न पर बीएसए बोले कि अध्यापकों को स्कूल शिक्षा महानिदेशक कार्यालय की ओर से कक्षा वार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उसे विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए और उसी के आधार पर अध्यापक बच्चों को पढ़ाएं।

Brijesh SrivastavaFri, 18 Jun 2021 10:38 AM (IST)
कोरोना संक्रमण के कारण परिषदीय स्‍कूलों में आनलाइन पढ़ाई हो रही है, लेकिन बच्‍चों के पास अभी किताबें नहीं है।

प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते पिछले सत्र में भौतिक कक्षाएं नहीं चल सकी थीं। इस बार भी कोविड की दूसरी लहर ने सभी को हिलाकर रख दिया। यही वजह है कि सत्र 2021-22 में भी ऑनलाइन पढ़ाई ही चल रही है। भौतिक कक्षाओं की कोई संभावना नहीं है। सभी परिषदीय स्कूलों में वाट्स्एप के जरिए कक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं। कुछ कक्षाएं स्वयं प्रभा चैनल के जरिए भी चलाई जा रही हैं। इन सब के बीच अब तक विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं।

अगस्‍त के अंत तक किताबें बच्‍चों को मिलने की उम्‍मीद

बीएसए संजय कुशवाह ने बताया कि शासन की ओर से विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर किताबों की खरीद का आर्डर जारी करने का निर्देश हुआ है। दो दिन में इस संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस बार पूरे जिले में करीब पांच लाख विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें बांटनी हैं। इन पुस्तकों के आने में करीब दो महीने का समय लगेगा। उम्मीद है कि अगस्त के अंत तक किताबें बच्चों को उपलब्ध हो सकेंगी।

बच्‍चों की कैसे होगी पढ़ाई, बीएसए ने सुझाया यह रास्‍ता

इस बीच किस तरह पढ़ाई होगी इस पर बीएसए ने बताया कि सभी अध्यापकों को स्कूल शिक्षा महानिदेशक कार्यालय की ओर से कक्षा वार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उसे विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए और उसी के आधार पर अध्यापक बच्चों को पढ़ाएं और जरूरत के अनुसार उनसे सवाल-जवाब कर मूल्यांकन भी करें। किताबों के आने पर उसे अभिभावकों की मदद से या विद्यार्थियों के घर जाकर पाठ्य सामग्री की जानकारी दें।

कक्षा एक से आठ तक के बच्‍चों को मिलेंगी किताबें

इस बार परिषदीय स्कूलों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, राजकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के अतिरिक्त माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग से संचालित होने वाले स्कूलों, सहायता प्राप्त मदरसों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को किताबें दी जाएंगी।

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