अब बिना स्मार्टफोन भी बच्चे कर सकेंगे पढ़ाई, प्रयागराज के गांवों में जल्द ही शुरू होगी मोहल्ला कक्षाएं

स्वैच्छिक पढ़ाई के लिए जनपद के हर गांव में जल्द ही तैनात कर दिए जाएंगे प्रेरणा सारथी गांव-गांव में मोहल्ला कक्षाएं हो जाएंगी जल्द शुरू ग्रामीण बच्चों को वहां दी जाएगी शिक्षा दैनिक जागरण के प्रश्न पहर में बोले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी

Ankur TripathiFri, 30 Jul 2021 12:01 PM (IST)
कोरोना महामारी फैलने के बाद से स्कूलों की बजाय बच्चे घरों से मोबाइल पर आनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी संक्रमण फैलने की वजह से सबकुछ आनलाइन हो गया है। पहली दफा पढ़ाई भी आनलाइन हो गई। ऐसे में दिक्कत उन बच्चों को आ रही है, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। अब स्मार्टफोन नहीं होने की स्थिति में पढ़ाई बाधित नहीं होने पाएगी। इसके लिए गांवों में मोहल्ला कक्षा का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा रेडियो और टेलीविजन का भी सहारा लिया जाएगा। जल्द ही रोस्टर और कार्यक्रम गांव के चौराहों पर चस्पा कर दिया जाएगा। यह कहना है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण कुमार तिवारी का। वह दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम प्रश्न पहर में अभिभावकों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

सवाल : ग्राम पंचायत में दो सरकारी स्कूल हैं। यहां जो शिक्षक तैनात हैं, वह पांच साल से जमे हैं। ऐसे में वह लापरवाही भी कर रहे हैं। इस मसले पर क्या कहेंगे?

- संजय द्विवेदी, मांडा

जवाब : मामला संज्ञान में नहीं था। यदि ऐसा हो तो औचक निरीक्षण कराया जाएगा। यदि कोई लापरवाही मिलती तो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : कोरोना की वजह से पढ़ाई आनलाइन मोड में कराई जा रही है लेकिन परिणाम बेहतर नहीं दिख रहे हैं। इसके लिए क्या तैयारी है?

- एडवोकेट नरेश चंद्र निषाद, झूंसी

जवाब : आनलाइन पढ़ाई के लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को आवश्यक दिशा निर्देेश दिए गए हैं। रूपरेखा भी तैयार कर लिया गया है। जल्द ही बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

सवाल : घोषित रूप से शिक्षक वेतन बिल आदि का कार्य कर रहे हैं। क्लर्क से यह काम क्यों नहीं लिया जाता है?

- अजय सिंह, शिक्षक प्रतिनिधि बहादुरगंज

जवाब : विकास खंड पर तैनात क्लर्क को प्रशिक्षित कर उनसे काम लिया जाएगा। आपरेटर फीडिंग कर अब वेतन संबंधी सारे विवरण मुख्यालय भेजेंगे। स्कूल के हेडमास्टर मानव संपदा पोर्टल पर लाक करेंगे तब वेतन का भुगतान होगा। निश्चिंत रहे जल्द ही राहत मिल जाएगी।

सवाल : जिले के स्कूल भौतिक तौर पर कब से खुलेंगे?

- सत्यम, झूंसी

जवाब : स्कूल तो खुले हैं। कक्षाएं भी आनलाइन मोड में चल रही हैं। शासन का निर्देश मिलने पर बच्चों को भौतिक रूप से प्रवेश दिया जाएगा।

सवाल : बच्चे पहले प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे। अंग्रेजी में सरकारी स्कूल तो हैं पर शिक्षक नियुक्त नहीं हैं। मजबूरन कान्वेंट स्कूल भेजना पड़ रहा है?

- रुचिर श्रीवास्तव, लालगोपालगंज

जवाब : स्कूलों में पहले से तैनात शिक्षकों को ही अंग्रेजी स्कूलों में भी तैनात किया जाना है। इसके लिए आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान उन्हें प्रशिक्षित भी कर रहा है। कोविड की वजह से यह प्रशिक्षण आनलाइन ही हो सका। फिजिकल ट्रेनिंग के बाद तैनाती कर पढ़ाई भी शुरू करा दी जाएगी।

सवाल : 10 साल से अधिक हो गए लेकिन अब तक शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो सका। इस संदर्भ में क्या कहेंगे?

- रत्नेश शुक्ल, सैदाबाद

जवाब : शासन से अभी वरिष्ठता निर्धारण के संदर्भ में कोई आदेश नहीं आया है। वरिष्ठता निर्धारण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सवाल : यदि कहीं पर प्राइमरी और जूनियर स्कूल कंपोजिट हैं तो क्या प्राइमरी का शिक्षक जूनियर स्कूल में पढ़ा सकता है?

- राहुल, नैनी

जवाब : जहां पर कंपोजिट की व्यवस्था है वह एक ही यूनिट मानी जाती है। भ्रम की स्थिति के चलते लोग समझ नहीं पा रहे हैं। आवश्यकतानुसार दोनों शिक्षक एक-दूसरे जगह पढ़ा सकते हैं। जल्द ही आनलाइन बैठक कर स्पष्ट कर दिया जाएगा।

सवाल : जौनपुर-प्रयागराज सीमा के एक स्कूल में बच्चा पढऩे जाता है। वहां री-एडमिशन के लिए अधिक फीस मांगे जा रहे हैं?

- राजेश कुमार, फूलपुर

जवाब : पिछले वर्ष की जो फीस थी, उसमें किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है। यदि कोई स्कूल फीस बढ़ाकर लेता है तो उसे अगले महीने समायोजन करना होगा। री-एडमिशन की व्यवस्था यदि पूर्व से है तो पूर्व निर्धारित फीस ही चुकानी पड़ेगी।

सवाल : आनलाइन कक्षा के लिए स्मार्टफोन नहीं है, क्या करें?

- देवेश दुबे, तारडीह

जवाब : आनलाइन शिक्षा के दो पद्धति हैं। जल्द ही मोहल्ला कक्षा का संचालन पूरे जिले में होगा। शारीरिक दूरी का पालन करते हुए हर मोहल्ले में कक्षाएं चलाई जाएंगी। रेडियो और दूरदर्शन पर भी प्रसारण होता है। इसके अलावा शिक्षक डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। स्मार्टफोन की वजह से पढ़ाई बाधित नहीं होने पाएगी।

सवाल : गांवों में अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती कब की जाएगी?

- विद्याकांत मिश्र, कौंधियारा

जवाब : भ्रम की स्थिति है। वही अध्यापक पढ़ाएंगे जो सरकारी स्कूलों में तैनात हैं। उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। दक्ष होने के बाद उनकी तैनाती कर दी जाएगी।

सवाल : विद्यालय बंद है और मोबाइल नहीं है। नेटवर्क की भी समस्या रहती है?

- लालकृष्ण यादव, प्रतापपुर

जवाब : गांव के पढ़े-लिखे लोगों को अब स्वैच्छिक शिक्षक रूप से पढ़ाने के लिए जोड़ा जाएगा। इसके लिए वह प्रेरणासाथी के तौर पर नियुक्त किए जाएंगे। वह मुफ्त में शिक्षा बांट सकेंगे। इसकी तैयारी की जा रही है।

सवाल : गौहनिया के एक स्कूल में एमडीएम के आठ लाख रुपये से अधिक खाते में बचे हैं। इस वित्तीय अनियमितता पर क्या कार्रवाई की गई?

- एडवोकेट राकेश त्रिपाठी, प्रयागराज

जवाब : यदि किसी जगह ऐसा मामला है तो लिखित शिकायत करें। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : नगर पंचायत के स्कूलों की हालत काफी खराब है। इसे सुधारने के लिए क्या पहल की जा रही है?

- आशीष त्रिपाठी, लालगोपालगंज

जवाब : नगर पंचायत के स्कूलों का कायाकल्प कराया जाएगा। इसके लिए निकाय और विकास प्राधिकरण के अलावा स्थानीय पार्षदों से भी मदद लली जाएगी। जल्द ही इन स्कूलों को कान्वेंट की तर्ज पर संवारा जाएगा।

सवाल : शिक्षकों का एरियर फंसा है, वेरीफिकेशन हो गया है।?

- आशुतोष शुक्ल, झूंसी

जवाब : प्रार्थना पत्र दीजिए। अग्रेतर कार्रवाई कराई जाएगी।

सवाल : ग्राम पंचायत में एक शिक्षिका छह महीने से स्कूल नहीं आ रही हैं। शिकायत करने पर भी अधिकारी नहीं सुनते हैं।?

- अनिरुद्ध प्रकाश, मांडा

जवाब : मामले में शिकायती पत्र बीएसए दफ्तर में दीजिए। यदि ऐसा है तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

सवाल : शिक्षक मोटी सैलरी लेने के बावजूद लापरवाही करते हैं, शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई ही नहीं करता है?

जवाब : कल ही 150 विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया गया। जो लापरवाही में संलिप्त पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यदि विद्यालय खुलने के 15 मिनट पहले शिक्षक नहीं पहुंचते हैं तो वेतन में कटौती की जाएगी।

जल्द होगा एरियर का भुगतान

बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्त शिक्षकों के सवालों के जवाब भी दिए। एरियर के भुगतान के बारे में कई शिक्षकों ने दैनिक जागरण के प्लेटफार्म पर अपनी बात कही। इस पर बीएसए ने बताया कि अभी ग्रांट नहीं आई है। शासन से ग्रांट आने के बाद फौरन आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद राशि शिक्षकों के खाते में भेज दी जाएगी।

लापरवाही मिली तो खैर नहीं

बीएसए ने सख्ती से कहा कि यदि कोई शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंचता है और जल्दी स्कूल से निकल जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शिकायत मिलने पर जांच में यदि दोष सही साबित हुआ तो कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल के समय शिक्षक अधिकारियों के दफ्तर में न मिलें। वह केवल शिक्षण कार्य का जिम्मेदारी तन्मयता के साथ निभाएं।

आनलाइन पढ़ाई के लिए छात्राओं को बांटे 30 स्मार्टफोन

किदवई मेमोरियल गर्ल्स इंटर कालेज में गुरुवार को मिशन डिजिटलाइजेशन के तहत मोबाइल वितरण किया गया। मुख्य अतिथि मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी और विशिष्ट अतिथि जल निगम के महाप्रबंधक हरीश चंद्र वाल्मीकि ने 30 गरीब तबके के छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन वितरित किया।

दरअसल, कोरोना में आनलाइन पढ़ाई के जरूरी हो गई है। तमाम बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं होने से वह कक्षाएं लेने में असमर्थ हैं। इस लिहाज से विद्यालय की प्रबंधक डाक्टर बारां फारुकी की तरफ से अनूठी पहल की गई। उन्होंने आनलाइन कैंपेन चलाया और लोगों से फंड जुटाए। इसके बाद उस फंड से मोबाइल जुटाए। इसके बाद 30 मेधावियों के बीच इसे वितरित किया गया। साथ ही उन्हें फौरन आनलाइन प्लेटफार्म से जोड़ा गया। इस दौरान प्रबंध कमेटी की अध्यक्ष शमां जावेद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर नईर्मुरहमान फारुकी, नीलोफर फारुकी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कालेज की प्रधानाचार्या अंजुम अफ्शां ने मिशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

 

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