Narendra Giri Update: महंत ने तीन बार बदली थी वसीयत, आखिरी में बलवीर गिरि को लिखा उत्तराधिकारी

महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत लिखने वाले अधिवक्ता ऋषिशंकर द्विवेदी बताते हैं कि महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को बलवीर गिरि के नाम अंतिम वसीयत लिखवाई थी जिसमें उन्होंने बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बताया है

Ankur TripathiFri, 24 Sep 2021 06:37 PM (IST)
महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को बलवीर गिरि के नाम अंतिम वसीयत लिखवाई थी

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी वसीयत तीन बार बदली है। उसमें दो बार बलवीर गिरि का नाम दर्ज है, जबकि एक बार आनंद गिरि को उत्तराधिकारी बनाया था। महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत लिखने वाले अधिवक्ता ऋषिशंकर द्विवेदी बताते हैं कि महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को बलवीर गिरि के नाम अंतिम वसीयत लिखवाई थी, जिसमें उन्होंने बलवीर को अपना उत्तराधिकारी बताया है। अब यह नई जानकारी सामने आई है जिसके बारे मेंं पंच परमेश्वर को अवगत कराया गया है। अब देखने वाली बात यह है कि अखाड़ा के नियमों के तहत पंच परमेश्वर किसकी ताजपोशी मठ के महंत और मंदिर व्यवस्थापक पद पर करते हैं।

सुसाइड नोट में भी बार-बार बलवीर का नाम

महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर की शाम अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में मृत मिले थे। मठ के अतिथि कक्ष में उनके शव को पंखे में बंधे फंदे को काटकर उतारा गया था। पुलिस अधिकारी इसे फांसी लगाकर आत्महत्या कहने लगे क्योंकि वहीं 12 पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला था। हालांकि पुलिस को मिला यह सुसाइड नोट मीडिया तक अगले रोज पहुंचा जब उसे किसी ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। सुसाइड नोट बलवीर गिरि को संबोधित करके लिखा गया था और उसमें उन्हें उत्तराधिकारी बनाने की बात लिखी है। नरेंद्र गिरि की वसीयत लिखने वाले अधिवक्ता ऋषिशंकर द्विवेदी बताते हैं कि महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को बलवीर गिरि के नाम अंतिम वसीयत लिखवाई थी, जिसमें उन्होंने बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बताया है।

अब तक उत्तराधिकारी का नहीं हुआ है चयन

उल्लेखनीय है कि महंत की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा लिखकर पुलिस ने आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी के खिलाफ एफआइआर लिखी गई थी। उन तीनों को जांच के लिए गठित एसआइटी ने गिरफ्तार कर सैकड़ों सवाल पूछे, फिर कोर्ट में पेश किया जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। अब तक महंत के उत्तराधिकारी का चयन नहीं हो सका है। पंच परेश्वर को उत्तराधिकारी और नए अध्यक्ष का चयन करना है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.