Narendra Giri Death Update: महंत को कौन कर रहा था ब्लैकमेल, आनंद गिरि समेत दो आरोपित गिरफ्तार

महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल फोन में उनकी मौत से पहले का एक वीडियो रिकार्ड है। पुलिस का कहना है कि तकरीबन चार मिनट के इस वीडियो में महंत ने अपना दुख और पीड़ा बयां किया है। मोबाइल फोन को फोरेंसिक टीम के हवाले किया गया है।

Ankur TripathiTue, 21 Sep 2021 10:52 AM (IST)
पुलिस महंत नरेंद्र गिरि का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर कई पहलुओं पर जांच कर रही है

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में अभी तक रहस्य बना हुआ है। इस घटना में महंत के करीबी शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा लिखने के बाद प्रयागराज पुलिस छानबीन कर रही है।  आनंद गिरि और आद्या प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच पता चला है कि महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल फोन में उनकी मौत से पहले का एक वीडियो रिकार्ड है। पुलिस का कहना है कि तकरीबन चार मिनट के इस वीडियो में महंत ने अपना दुख और पीड़ा बयां किया है। मोबाइल फोन को पुलिस ने कब्जे में लिया और उसे जांच की खातिर फोरेंसिक टीम के हवाले किया गया है। इसके अलावा महंत के मोबाइल की काल डीटेल भी जुटा ली गई है। पता किया जा रहा है कि सोमवार दोपहर से लेकर शाम को चार बजे मौत से पहले तक उन्होंने किन लोगों को फोन किया था और क्या बात की थी। 

वीडियो को आधार बनाकर ब्लैकमेल करने की भी अफवाह

एक यह भी बात पुलिस के बीच आई है कि महंत को किसी वीडियो को आधार बनाकर परेशान और ब्लैकमेल किया जा रहा था। कैसा था यह वीडियो, कौन कर रहा था ब्लैकमेल, इस बारे में भी जांच की जा रही है। हालांकि सुसाइड नोट में महंत ने खुद लिखा है कि आनंद गिरि किसी लड़की या महिला के साथ उनकी आपत्तिजनक फोटो  वायरल कर उनकी बदनामी कराने  वाला है इसलिए वह आत्महत्या कर रहे हैं।

शक के दायरे में आए लोगों से पूछताछ, आनंद और आद्या तिवारी गिरफ्तार 

मोबाइल फोन कब्जे में लेने के साथ ही पुलिस महंत की मौत के मामले में शक के दायरे में आए तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने मुख्य आऱोपित आनंद गिरि को कल यानी सोमवार रात ही हरिद्वार से हिरासत में ले लिया और सहारनपुर जनपद लाकर रखा गया और फिर अब मंगलवार दोपहर प्रयागराज में पुलिस लाइन लाकर हर पहलू पर पूछताछ के बाद गिरफ्तारी कर ली गई है। आनंद गिरि से पुलिस अधिकारी सवाल-जवाब कर रहे हैं। कुछ लोग आनंद से मिलने पहुंचे जिन्हें सख्ती से वापस कर दिया गया। इससे पहले सोमवार रात ही प्रयागराज में मठ के पुजारी आद्या तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी को हिरासत में लिया गया है जिनका नाम सुसाइड नोट में भी है। एडीजी जोन प्रेम प्रकाश ने बताया कि आद्या प्रसाद भी गिरफ्तार कर  लिया गया है।

करोड़पति सिपाही भी है मामले में संदिग्ध 

महंत की मौत की इस घटना में यूपी पुलिस का वह सिपाही भी संदिग्ध है जिसके बारे में पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी शासन स्तर पर शिकायत की थी कि वह अवैध रूप से करोड़ों रुपये की दौलत जुटा चुका है। यह सिपाही महंत के साथ गनर के तौर पर चलता रहा है। कुछ समय पहले उसका मामला सुर्खियों में आने पर उसे हटाकर कौशांबी जनपद भेज दिया गया था मगर उसका नाम आनंद गिरि ने ही शक जताते हुए लिया है। बताया जा रहा है कि इस सिपाही अजय को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है और सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।

पूर्व मंत्री समेत कई करीबियों से सवाल-जवाब

महंत की मौत पर छाए रहस्य को हटाने के लिए पुलिस की कई टीम छानबीन और पूछताछ कर रही है। प्रयागराज में रहने वाले सपा सरकार के पूर्व दरजा प्राप्त मंत्री को भी पुलिस ने सुबह बुलाकर सवाल जवाब किए। इस सपा नेता की आनंद गिरि से नजदीकी रही है और महंत की आनंद से सुलह भी उसने ही कराई थी। 

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