Narendra Giri की संदिग्ध मौत के पीछे जहर भी तो नहीं, जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया विसरा

नरेंद्र गिरि के मामले में फांसी से मौत की पुष्टि के बावजूद विसरा जांच के लिए भेजा गया है। आशंका है कि अगर महंत को विषाक्त पदार्थ या धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर भी मारा गया है तो फोरेंसिक लैब की जांच में इसका राज खुल सकता है।

Ankur TripathiFri, 24 Sep 2021 09:39 AM (IST)
नरेंद्र गिरि के मामले में फांसी से मौत की पुष्टि के बावजूद विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम होने के दौरान डाक्टरों ने विसरा भी प्रिजर्व किया था, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। बताया जाता है कि आमतौर पर मौत का कारण साफ न होने पर कई बार विसरा प्रिजर्व करके जांच के लिए भेजा जाता है। मगर नरेंद्र गिरि के मामले में फांसी से मौत की पुष्टि होने के बावजूद विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगर महंत को विषाक्त पदार्थ या धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर भी मारा गया है तो फोरेंसिक लैब की जांच में इसका राज खुल सकता है। विसरा की जांच में अगर विषाक्त पदार्थ की बात आती है तो यह भी बहुत चौंकाने वाली बात होगी, हालांकि पता चला है कि मौके पर सल्फाश की एक डिब्बी रखी मिली थी लेकिन उसे खोला नहीं गया था।

पुलिस ने शासन को भेज दी है रिपोर्ट

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध दशा में मौत की जांच सीबीआइ को सिफारिश करने के बाद पुलिस ने इस बारे में शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। बताया गया है कि पुलिस अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस घटना की सीबीआइ से जांच से कोई आपत्ति नहीं है। शासन को जार्जटाउन थाने में दर्ज एफआइआर की कापी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत कई अन्य जरूरी कागजात को भी भेजा गया है। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस भी चाहती है कि प्रकरण की जांच सीबीआइ करे। हालांकि पुलिस की एसआइटी अभी इस मामले की विवेचना कर रही है। मुकदमे में नामजद आरोपित आनंद गिरि और विवेचना के दौरान प्रकाश में लाए गए पुजारी आद्या तिवारी व उसके बेटे संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उन तीनों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को बुधवार तथा आद्या के पुत्र संदीप को गुरूवार शाम अदालत में पेश किया गया था। तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सेंट्रल जेल नैनी में उन तीनों को आम कैदियों से अलग हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।  

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