दुष्कर्म आरोपित बसपा सांसद अतुल राय के मुकदमे में सीओ एमपी एमलएलए कोर्ट में तलब

कोर्ट ने भेलूपुर के तत्कालीन सीओ अमरेश को 24 सितंबर को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। घटना स्थल की पहचान के लिए सीओ भेलूपुर की रिपोर्ट के आधार पर आरोपित की ओर से अग्रिम विवेचना की अर्जी भी कोर्ट में दी थी।

Ankur TripathiWed, 22 Sep 2021 06:40 AM (IST)
तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अर्जी खारिज कर दी थी।

प्रयागराज, विधि संवाददाता। दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपित घोसी से बसपा के सासंद अतुल राय के मुकदमे में एमपी एमएलए की विशेष न्यायालय ने क्षेत्राधिकारी अमरेश सिंह बघेल को तलब किया है। कोर्ट ने भेलूपुर के तत्कालीन सीओ रहे अमरेश को 24 सितंबर को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। घटना स्थल की पहचान के लिए सीओ भेलूपुर की रिपोर्ट के आधार पर आरोपित की ओर से अग्रिम विवेचना की अर्जी भी कोर्ट में दी थी। तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अर्जी खारिज कर दी थी। मामले में आरोपित सांसद का भी बयान कोर्ट में दर्ज हो चुका है

विधायक निधि दुरुपयोग के मुकदमे में मुख्तार की होगी पेशी

प्रयागराज: विधायक निधि दुरुपयोग के मामले में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने एक अक्टूबर को पेश होने का समन जारी किया है। एमपी एमएलए की विशेष न्यायालय में मंगलवार को पत्रावली प्रस्तुत हुई। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मुख्तार के साथ अन्य आरोपितों को समन जारी करने का आदेश दिया है। मुख्तार के विरुद्ध विधायक निधि का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से धनराशि जारी करने का आरोप है। वादी विजय कुमार गुप्ता ने 24 अप्रैल 2021 को मऊ जनपद के थाना सरायलखसी में मुख्तार के साथ अन्य लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया था।

दुष्कर्म के मामले में आपूर्ति निरीक्षक पर दोष सिद्ध

प्रयागराज : फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रतापगढ़ में तैनात आपूर्ति निरीक्षक प्रदीप सिंह को 2018 में दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया। अदालत में मौजूद न रहने पर उनके विरुद्ध गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का भी आदेश जारी किया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की जज निशा झा ने एडीजीसी मृत्युंजय तिवारी एवं आरोपित के अधिवक्ता के तर्कों को सुन कर फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि आरोपित के विरुद्ध आईपीसी की धारा 376 एवं 506 के तहत अपराध साबित होता है और इसके लिए वह दंडित किए जाने की योग्य है। प्रदीप ङ्क्षसह की ओर से अदालत में एक प्रार्थना पत्र इस आशय से दिया गया कि वह बीमारी हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नही हो सकते इसलि फैसला की तिथि आगे बढ़ाई जाए। अदालत ने प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया और उनके जमानतदारों को उन्मोचित कर दिया। जॉर्जटाउन थाने में पीडि़ता ने 2018 में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था।

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