MNNIT में एमटेक छात्रा की मौत के पीछे क्या हार्ट अटैक? रविवार रात हुआ पोस्टमार्टम

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) से एमटेक फाइनल ईयर की छात्रा जया पांडेय पुत्री विजय कुमार की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। जया मूल रूप से रोहतास बिहार की रहने वाली थी। वह संस्थान के आईएचबी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी

Ankur TripathiPublish:Sun, 05 Dec 2021 05:53 PM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 11:49 PM (IST)
MNNIT में एमटेक छात्रा की मौत के पीछे क्या हार्ट अटैक? रविवार रात हुआ पोस्टमार्टम
MNNIT में एमटेक छात्रा की मौत के पीछे क्या हार्ट अटैक? रविवार रात हुआ पोस्टमार्टम

प्रयागराज, जेएनएन। शहर में शिवकुटी क्षेत्र स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) से एमटेक फाइनल ईयर की छात्रा जया पांडेय पुत्री विजय कुमार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जया मूल रूप से रोहतास बिहार की रहने वाली थी। वह संस्थान के आईएचबी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। परिवार के लोग भी मौत को लेकर संशकित हैं क्योंकि उनका कहना है कि उसे कोई बीमारी तो थी नहीं, फिर उसने कौन सी दवा और क्यों खाई थी। यह रहस्य बना हुआ है।

रात में पोस्टमार्टम से पता चला कि दिल का दौरा

इस  बीच रविवार रात छात्रा के शव का पोस्टमार्टम हो गया लेकिन शिवकुटी थानाध्यक्ष से लेकर सीओ कर्नलगंज और सिविल लाइंस थाने की पुलिस अलग-अलग बयान देती रही। पोस्टमार्टम होने के बाद भी पुलिस अधिकारी कहते रहे कि जानकारी नहीं है जबकि सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक के बारे में पता चला है।

शनिवार रात ले जाया गया था उसे हास्टल से अस्पताल

बताया जाता है कि शनिवार देर रात अचानक छात्रा जया पांडेय की तबीयत खराब हुई। संस्थान के कर्मचारी उसे हास्टल से शिवकुटी के निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत सीरियस बताकर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिर सिविल लाइंस स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रविवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर शिवकुटी पुलिस असपताल पहुंची और फिर शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भिजवाया। छात्रा के परिवार के लोग भी खबर पाकर रोहतास से यहां सुबह पहुंच गए थे।

बीपी की रोगी नहीं तो क्यों खाई थी उसकी दवा

पिता विजय का कहना है कि डाक्टरों ने बताया है कि बेटी ने बीपी की एमालोसेफ एटी नामक दवा की 45 गोलियां खाई थी। मगर जया को न तो कोई तनाव था और न ही ब्लड प्रेशर अथवा दूसरी कोई बीमारी थी। आरोप लगाया कि बेटी को दवा जबरन खिलाई जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच और डाक्टरों की सलाह के अलावा विसरा की रासायनिक जांच कराने पर साफ होगा कि छात्रा ने क्या निगला था।

इनका यह है कहना

छात्रा ने दवा की कुछ गोलियां खाई थी, जिससे उसकी तबियत बिगड़ी और मृत्यु हुई। पिता के द्वारा लगाए जा रहे आरोप सही नहींं है।

- प्रो. राजीव त्रिपाठी, निदेशक एमएनएनआइटी

फोरेेंसिक टीम से हास्टल के कमरे की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- अजीत सिंह चौहान, सीओ कर्नलगंज