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Lok Sabha Election 2019 : इस बार तो चुनावी भंवर में फंस जाएंगे फेरे भी

प्रयागराज : लोकसभा चुनाव के दौरान विवाह बंधन में बंधने वालों और उनके रिश्तेदारों की राह  इस बार थोड़ी मुश्किल भरी हो सकती है। दरअसल लगन के ज्यादातर मुहूर्त चुनाव तिथियों की भेंट चढऩे जा रहे हैं। इसलिए वाहन, तंबू-कनात, कुर्सी बुक कराने में दिक्कत आ रही है। राजनीतिक दल टेंट हाउस व टै्रवल्स एजेंसियों में अभी से बुकिंग कराने लगे हैं। कई लोगों ने विवाह की तारीख आगे खिसका दी है, कुछ ने दोगुने दाम पर वाहन व टेंट हाउस का सामान बुक कराया है।

एक ओर लगन, वहीं नामांकन व रैलियों की भरमार रहेगी

अधिकतर लगन मुहूर्त नामांकन, मतदान एवं दलों की रैलियों के आस-पास पड़ रहे हैं। अप्रैल व मई माह में चुनावी सरगर्मी काफी तेज रहेगी। नामांकन व रैलियों की भरमार रहेगी। इसके बाद मतदान के साथ वोटों की गिनती होगी। इन्हीं महीनों में विवाह के खास मुहूर्त हैं।

16 अप्रैल से विवाह का मुहूर्त

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी बताते हैं कि सूर्य मेष राशि में 14 अप्रैल को दिन में 4:15 बजे प्रवेश करेंगे, इसे सूर्य संक्रांति कहते हैं। विवाह का पहला मुहूर्त 16 अप्रैल को है। फिर 17, 19, 23, 25 अप्रैल को विवाह का बेहतर मुहूर्त मिलेगा। मई माह में एक, दो, छह, सात, 12, 16, 18, 20, 23, 28, 29 को विवाह का मुहूर्त है। कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़ में छह और 12 मई को ही मतदान है और 23 मई को मतगणना।

जून में भी विवाह की विशेष लग्न

बात जून की करें तो इसमें तीन, आठ, दस, 11, 15, 17, 19, 24, 25, 26 विवाह की विशेष लग्न है। जुलाई महीने में सात, आठ तारीख के बाद 10 तारीख को विवाह किया जा सकता है, क्योंकि 12 जुलाई को हरिशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु शयन पर चले जाएंगे। यहीं से सारे मांगलिक व शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। भगवान विष्णु आठ नवंबर को देवोत्थान एकादशी पर जाग्रत होंगे, और लगन मुहूर्त पुन: आरंभ होगा।

मजबूरी है नकारना

रामबाग में ट्रैवेल एजेंसी चलाने वाले राकेश कुमार बताते हैं 12 अप्रैल से 10 मई तक उनके सारे वाहन बुक हैं। अब शादी-ब्याह वाले आते हैं तो उन्हें नकारना हमारी मजबूरी है। कुछ लोग हमारे ऊपर अधिक दबाव डाल रहे हैं उनके लिए दूसरे जिले से दोगुने दाम पर वाहन मंगाया है।

कुर्सियों का अधिक टोटा

टेंट हाउस संचालक जानू बताते हैं चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अभी से संपर्क कर रहे हैं। नुक्कड़ से लेकर बड़ी सभाओं के लिए कुर्सी, दरी, चादर की बुकिंग काफी तेजी से हो रही है। हर सभा के लिए दो सौ से लेकर पांच हजार के बीच कुर्सियां बुक हो रही हैं। ऐसे में वह विवाह कराने वालों की मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

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