Magh Mela 2021 : ...तो इस कारण माघ मेला के पांटून पुलों का टेंडर फिर होगा, प्रयागराज में जनवरी से शुरू होगा आयोजन

प्रयागराज के माघ मेला में पांटून पुलों के लिए फिर से टेंडर होगा।

Magh Mela 2021 कोरोना के चलते माघ मेला बसाने में पहले ही देरी हो चुकी है। स्नान पर्व शुरू होने में करीब डेढ़ महीने का समय बचा है। लेकिन अब तक मेले के लिए जमीन पर कुछ काम शुरू नहीं हुआ है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:14 AM (IST) Author: Brijesh Srivastava

जेएनएन, प्रयागराज। माघ मेला 2021 जनवरी से प्रयागराज में संगम की रेती पर एक माह का माघ मेला लगेगा। माघ मेला के दौरान बनने वाले पांचों पांटून पुलों का फिर से टेंडर होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले दिनों इसके लिए डाले गए टेंडर मानक के अनुरूप नहीं थे। अब यह टेंडर दिसंबर के पहले हफ्ते में खुलेंगे। ऐसे में पुलों के निर्माण में भी देरी होगी। 

कोरोना के चलते माघ मेला बसाने में पहले ही देरी हो चुकी है। स्नान पर्व शुरू होने में करीब डेढ़ महीने का समय बचा है। लेकिन अब तक मेले के लिए जमीन पर कुछ काम शुरू नहीं हुआ है। हालत यह है कि समतलीकरण तक का भी काम नहीं हुआ है। मेले में सबसे पहले पांटून पुल बनाने का काम होता है लेकिन अब तक इसका टेंडर भी फाइनल नहीं हो सका है। पखवाड़े भर पहले पांटून पुल और सड़क के लिए टेंडर जारी किया गया था। 28 नवंबर को इसका टेंडर खोला गया। तब सड़क के तो सभी टेंडर की टेक्निकल बिड ठीक रही लेकिन पांटून पुल में सभी के टेंडर ही नहीं पड़े। 

मेला क्षेत्र में गंगा नदी पर पांच पांटून पुल बनाने हैं। इसमें से तीन पुलों के लिए सिंगल टेंडर पड़े हैं जबकि शिवाला और महावीर पुल के लिए टेंडर एक भी नहीं पड़ा। सिंगल टेंडर नहीं खोला जाता है। इसलिए अब पांचो टेंडर फिर से जारी किए गए हैं। अब यह टेंडर 6 दिसंबर को खोले जाएंगे। दरअसल पिछले माघ मेले का भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने ठेका लेने से बहिष्कार कर दिया था। इसलिए टेंडर नहीं पढ़े। अब दोबारा टेंडर निकाला जाएगा  तो हो सकता है कि कुछ नए ठेकेदार  इस काम को लेने के लिए आगे आए। 

लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड चार के अधिशासी अभियंता सुनील कठेरिया ने बताया कि सड़कों के 22 टेंडर थे। इन सभी पर टेंडर पड़े हैं और मंगलवार को यह फाइनल हो जाएंगे। उसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा। हफ्ते भर में पुल का भी टेंडर हो जाएगा। 14 जनवरी को माघ मेला का पहला स्नान है। उससे पहले पुल और सड़कें बनाकर तैयार कर देना है। अब समय कम बचा है और अतिरिक्त मैन पावर लगाकर काम करना होगा।

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