बेटियों की रक्षा के लिए किन्नर अखाड़ा चलाएगा करो कल की चिंता अभियान, भ्रूण हत्या को रोकने का उठाया बीड़ा

अभियान में शामिल किन्नर संन्यासी व आम किन्नर लोगों को संकल्प दिलाएंगे।

बेटी को शास्त्रों ने लक्ष्मी स्वरूपा बताया है। बेटियों के सम्मान और उनके हक की बात हर मंच पर होती है। लेकिन भ्रूण हत्या के जरिए बेटियों को गर्भ में मारने का कृत्य भी चल रहा है। इस सामाजिक अभिशाप को खत्म करने का जिम्मा किन्नर अखाड़ा ने उठाया है।

Ankur TripathiThu, 04 Mar 2021 08:10 PM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। बेटी को शास्त्रों ने 'लक्ष्मी स्वरूपा बताया है। बेटियों के सम्मान और उनके हक की बात हर मंच पर होती है। लेकिन, भ्रूण हत्या के जरिए बेटियों को गर्भ में मारने का कृत्य भी चल रहा है। भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक अभिशाप को खत्म करने का जिम्मा किन्नर अखाड़ा ने उठाया है। किन्नर संन्यासी भ्रूण हत्या रोकने, पेड़ संरक्षण व जल संरक्षण के लिए 'करो कल की चिंता नामक अभियान चलाएंगे। अभियान में शामिल किन्नर संन्यासी व आम किन्नर लोगों को संकल्प दिलाएंगे।
 
हरिद्वार कुंभ के बाद शुरू होगी प्रदेशव्यापी मुहिम
हर जिले में मोहल्ला स्तर पर किन्नरों की टीम होती है। बधाई लेने के लिए हर घर में नियमित उनका आना-जाना होता है। त्योहार, शादी, जन्मदिन जैसे शुभ मौकों पर किन्नर यजमानों के घर जाकर आशीर्वाद देते हैं। इससे उनका सबसे आत्मीय जुड़ाव होता है। अन्य अखाड़ों व महात्माओं से खुद को अलग दिखाने के लिए किन्नर अखाड़ा ने 'करो कल की चिंता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी कहती हैं कि समाज का हर व्यक्ति हमारे परिवार का हिस्सा है। हमें उनके जीवन की चिंता है। हरिद्वार कुंभ बीतते ही जून महीने से 'करो कल की चिंता अभियान शुरू किया जाएगा। यूपी से शुरू होने वाला अभियान भविष्य के अलग-अलग प्रदेशों में चलेगा।
 
27 जिला में बनी टीम
किन्नर अखाड़ा ने 'करो कल की चिंता अभियान के लिए प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, गोरखपुर, भदोही सहित यूपी के 27 जिलों में टीम बना दिया है। हर जिले में 15 लोगों की टीम बनी है। टीम का नेतृत्व किन्नर अखाड़ा के महामंडेश्वर, मंडलेश्वर, पीठाधीश्वर व महंत करेंगे। इनके साथ आम किन्नर व समाजसेवी स्त्री-पुरुष काम करेंगे।
 
आशीर्वाद में देंगे नवग्रह का पौधा : कौशल्यानंद
किन्नर अखाड़ा उत्तर प्रदेश की प्रभारी महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरि 'टीना मांÓ कहती हैं कि किसी की शादी, जन्मदिन अथवा त्यौहार हम जहां जाएंगे वहां आशीर्वाद स्वरूप नवग्रह में किसी एक ग्रह का पौधा देंगे। पौधा देकर उसकी रक्षा का संकल्प दिलाएंगे। नवदंपती को भ्रूण हत्या न करने की शपथ दिलाएंगे।
 
 चर्चा के जरिए बताएंगे महत्व : कल्याणीनंद
किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कल्याणीनंद गिरि कहती हैं कि सनातन धर्म में पर्यावरण संरक्षण की सीख दी गई है। पर्वत, पेड़, नदी, तालाब व पशुओं के पूजन की विधान है। हम जिस घर में जाएंगे वहां के लोगों को इसी महत्व की सीख देकर उसके संरक्षण का महत्व बताएंगे।
 
 हौसला बढ़ाने को करेंगे सम्मानित
अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किन्नरों, महिला व पुरुषों को माघ मेला-2022 में सम्मानित किया जाएगा। इसके जरिए बेहतर काम करने वालों का हौसला बढ़ाने के साथ दूसरों को उनके अनुरूप काम करने को प्रेरित किया जाएगा।   

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