International Yoga Day पर इस बार नहीं होंगे सार्वजनिक आयोजन, डीएम प्रयागराज ने जारी किया दिशानिर्देश

आयुष मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन का हवाला देते हुए डीएम संजय कुमार खत्री ने कहा कि लोग घरों पर ही उस दिन योगाभ्यास करें। अपने परिचितों से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जुड़े। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव करना पहली प्राथमिकता है।

Rajneesh MishraThu, 17 Jun 2021 05:55 PM (IST)
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को इस बार कोरोना के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं होंगे।

प्रयागराज, जेएनएन। इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को भव्य कार्यक्रम नहीं आयोजित किए जाएंगे। कोरोना के चलते सभी लोगों से अपने घर पर ही योग दिवस मनाने की अपील की जा रही है। इस संबंध में डीएम संजय कुमार खत्री ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते उस दिन सार्वजनिक आयोजन नहीं होंगे।

जिला प्रशासन की तरफ से सार्वजनिक आयोजन की नहीं है अनुमति

कोरोना की दूसरी लहर के संक्रमण में कमी आई है। लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं। बाजार भी खुल गया है। लेकिन कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया तो कभी भी इसका संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए जिला प्रशासन किसी भी तरह के सार्वजनिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जा रही है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस दिन दुनियाभर में लोग एक साथ सार्वजनिक स्थलों पर योगाभ्यास करते हैं। इस बार कोरोना को देखते हुए जो भी आयोजन होंगे, उसमें मास्क, सैनेटाइजर और फिजिकल डिस्टेंस का पालन किया जाएगा। बड़े आयोजन नहीं होंगे।

घर में रहकर ही करें योगाभ्‍यास

आयुष मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन का हवाला देते हुए डीएम संजय कुमार खत्री ने कहा कि लोग घरों पर ही उस दिन योगाभ्यास करें। अपने परिचितों से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जुड़े। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव करना पहली प्राथमिकता है। घर से कम निकले। सार्वजनिक आयोजन न करवाएं और भीड़ भाड़ वाले इलाकों से बचे।

महानिदेशक स्‍कूल शिक्षा का मंत्र, घर पर रहे और योग करें

21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस है। लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में योग के आसनों की उपयोगिता बढ़ गई है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, असाध्‍य बीमारियों को ठीक करने के साथ मानसिक बल मिलता है। महानिदेशक स्‍कूल शिक्षा ने शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि योग बीमारियों को ठीक करने तक सीमित नहीं है। वास्‍तव में यह भारतीय संस्‍कृति के उत्‍सव का भी एक अवसर है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से शिक्षा निदेशक बेसिक को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि योग बीमारियों को ठीक करने तक सीमित नहीं है। वास्तव में यह भारतीय संस्कृति के उत्सव का अवसर है। लेकिन इस बार कोविड के चलते कोई सामूहिक आयोजन नहीं होगा। लोग घर में रहे और योग करें।

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