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कोरोना काल में पार्सल ट्रेनें बनीं कमाऊ पूत

कोरोना काल में पार्सल ट्रेनें बनीं कमाऊ पूत
Publish Date:Mon, 03 Aug 2020 07:40 PM (IST) Author: Jagran

जासं, प्रयागराज : कोविड-19 के चलते रेलवे की तमाम गतिविधियां ठप हैं। ऐसे में अब पार्सल ट्रेनें रेलवे के लिए कमाऊ पूत साबित हो रही हैं। पिछले महीने तक इससे 38 लाख टन से अधिक माल की ढुलाई करके 437.55 करोड़ रुपये की आय भी हुई है।

कोरोना के चलते पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बहुत कम हो रहा है। प्रयागराज मंडल में सामान्य दिनों में जहां दो सौ से अधिक पैसेंजर ट्रेनें चलती थी वह अब 42 जोड़ी में सीमित हो गई। इसलिए रेलवे की कमाई प्रभावित हुई। ऐसे में रेलवे ने कोयला, लौह खनिज, फौज के सामान, खाद, खाद्यान, बीज के अलावा दूसरे पार्सल की ढुलाई पर ध्यान दिया। इसमें कई तरह छूट भी दी। इससे जुलाई तक 38.2 लाख टन माल की ढुलाई कर 437.55 करोड़ रुपये की कमाई की। माल ढुलाई को और बढ़ाने के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं जिसमें गुड्स शेडों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने से लेकर मालगाड़ियों की गति भी बढ़ाई जा रही है। औसत गति को 40-45 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 50 किमी प्रति घंटे करने पर काम हो रहा है। जिससे बुक पार्सल को और जल्दी गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। माल बुकिग पर 50 फीसद की छूट 31 जून 2021 तक मिलेगी।

- कोविड-19 के संकट को देखते हुए हम अधिकाधिक गुड्स ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं जिससे व्यापारियों, किसानों का माल सही समय पर सही जगह पहुंच जाए। माल बुकिग को बढ़ाने के लिए गुड्स शेड्स आदि में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

- प्रदीप कुमार ओझा, मुख्य माल यातायात प्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे

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