यहां टाटपट्टी पर ही बैठ रहे स्कूली बच्चे, प्रतापगढ़ में नौनिहालों की शिक्षा का हाल खराब

जागरण टीम पौने 12 बजे इस विद्यालय में पहुंची तो बच्चे मध्याह्न भोजन करने के बाद कक्षाओं में पहुंच चुके थे। कुछ पुराने यूनिफार्म में रहे तो अधिकांश बिना यूनिफार्म के। इस पूरे परिसर में कहने को तो तीन विद्यालय हैं लेकिन प्राथमिक विद्यालय करनपुर अब अस्तित्व में नहीं है

Ankur TripathiTue, 14 Sep 2021 07:20 AM (IST)
बच्चों को अभी तक न तो किताबें मिली न ही यूनिफार्म, डेस्क तो है लेकिन नहीं हैं बेंच

प्रतापगढ़, जागरण संवाददाता। कक्षा एक, दो, तीन के बच्चे एक ही कमरे में, कुछ बच्चों से घिरी शिक्षा मित्र, कक्षा में डेस्क के बगल टाटपट्टी पर बेतरतीब बैठे बच्चे, प्राइमरी स्कूल की असली तस्वीर दिखा रहे थे। दूसरे कमरे में कक्षा चार व पांच के बच्चों को प्रधानाध्यापिका पढ़ा रहीं थीं। स्कूल में घुसते ही गंदगी का आलम दिखा। परिसर में घास फूस, शौचालय के पास भी साफ सफाई का अभाव रहा। यह नजारा रहा नगर क्षेत्र के बीएसए दफ्तर के ठीक बगल स्थित संविलियन विद्यालय पांडेय का पुरवा का।

किसी बच्चे को नहीं मिलीं किताबें और यूनिफार्म

जागरण टीम पौने 12 बजे इस विद्यालय में पहुंची, तो बच्चे मध्याह्न भोजन करने के बाद कक्षाओं में पहुंच चुके थे। कुछ पुराने यूनिफार्म में रहे तो अधिकांश बिना यूनिफार्म के। इस पूरे परिसर में कहने को तो तीन विद्यालय हैं, लेकिन प्राथमिक विद्यालय करनपुर अब अस्तित्व में नहीं है। उसमें कोई शिक्षक नहीं था। वहां के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय पांडेय का पुरवा में ही समाहित कर लिया गया। इसके अलावा इसी परिसर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय पल्टन बाजार बालक भी चलता है। स्कूल में अभी तक किसी बच्चे को न तो किताबें मिली हैं और न ही यूनिफार्म। प्राथमिक विद्यालय पल्टन बाजार में कुल 126 बच्चे हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षिका विभा सिंह की तैनाती है। इसके अलावा एक शिक्षामित्र मनोरमा मिश्रा को भी तैनात किया गया है।

नहीं सुना सके 13 का पहाड़ा

प्राथमिक विद्यालय पांडेय का पुरवा के कक्षा चार व पांच के कुछ बच्चों से 15 तक का पहाड़ा सुनाने को कहा गया तो एक दो बच्चे तो सुनाए लेकिन अधिकांश बच्चे 13 व 14 का पहाड़ा नहीं सुना सके। कक्षा पांच का एक बालक 14 का पहाड़ा नहीं सुना सका। इसी प्रकार कक्षा पांच के अजीत ने 10 व 12 का पहाड़ा सुनाया।

किताब अबै तक नाहीं मिली...

जागरण टीम ने कक्षा एक के बच्चे निहाल से पूछा कि किताब मिली कि नहीं तो उसने बताया कि अबै तक किताब नाहीं मिली। इसी प्रकार कक्षा दो की मुस्कान ने इसी साल स्कूल में प्रवेश लिया है। उसने भी बताया कि किताब नाहीं मिली। स्कूल की प्रधानाध्यापिका विभा सिंह ने बताया कि किताबें आ गई हैं, सोमवार से बच्चों में बांटी जाएंगी।

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