इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव कराने की याचिका पर सुनवाई आज

बाइलाज के अनुसार यदि कार्यकाल समाप्त होने के एक माह बाद भी चुनाव नहीं कराते तो एल्डर कमेटी अगले एक माह में चुनाव कराएगी। बार एसोसिएशन के सारे अधिकार एल्डर कमेटी में निहित हो जाएंगे। पदाधिकारियों ने एल्डर कमेटी की मनमानी घोषणा कर उसे भी विवादों में घसीट लिया है।

Ankur TripathiThu, 16 Sep 2021 09:06 AM (IST)
पांच अगस्त को पूरा हो चुका है बार एसोसिएशन की मौजूदा टीम का कार्यकाल

प्रयागराज,  विधि संवाददाता। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर संतोष कुमार मिश्र व अन्य अधिवक्ताओं की तरफ से दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई 16 सितंबर को होगी। इससे पहले हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों से बैठकर समाधान निकालने का आदेश दिया था। कहा था कि दोनों पक्षों के पांच-पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नामित टीम बैठकर हल निकाले। याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी व न्यायमूर्ति एके ओझा की खंडपीठ ने नियमों के तहत हल निकालने का समय दिया था।

चुनाव टालने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं पदाधिकारी

याचीगण की तरफ से पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम देते हुए बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया। याची का कहना है कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारी चुनाव टालने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं। अब 21 सितंबर को बैठक की सूचना दी गई है, जबकि कोर्ट ने 15 सितंबर तक हल निकालने का समय दिया था। याची का यह भी कहना है कि बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का एक वर्ष का कार्यकाल पांच अगस्त को समाप्त हो गया है। विशेष स्थिति में एल्डर कमेटी की अनुमति से पांच सितंबर तक चुनाव कराने की छूट दी गई है।

एल्डर कमेटी को चुनाव कराने का निर्देश जारी करने की मांग

बाइलाज के अनुसार यदि कार्यकाल समाप्त होने के एक माह बाद भी चुनाव नहीं कराते तो एल्डर कमेटी अगले एक माह में चुनाव कराएगी। बार एसोसिएशन के सारे अधिकार एल्डर कमेटी में निहित हो जाएंगे। पदाधिकारियों ने एल्डर कमेटी की मनमानी घोषणा कर उसे भी विवादों में घसीट लिया है। याचिका में बाइलाज के अनुसार गठित एल्डर कमेटी को चुनाव कराने का निर्देश जारी करने की मांग की गई है। कुल मिलाकर साफ है कि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव कराने के लिए दो धड़ों में खींचतान बनी है। अब याचिका पर सुनवाई होने पर हाई कोर्ट से आने वाले फैसले पर अधिवक्ताओं का निगाह टिकी है। गुरूवार को इस याचिका पर सुनवाई के बाद उसके परिणाम का अधिवक्ताओं को इंतजार है। 

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