Good News: प्रयागराज में टू लेन रेलवे ब्रिज को सेना देगी 18 हेक्टेयर जमीन, वाराणसी रूट पर बन रहा पुल

Good News प्रयागराज-वाराणसी रेलवे रूट पर टू लेन ब्रिज बनाया जा रहा है। दारागंज से होकर इस पुल का निर्माण होना है। दारागंज में सेना ने अपनी भूमि रेलवे को देने का निर्णय लिया है। रेलवे सेना को इसके बदले झूंसी में अपनी भूमि दे दी है।

Brijesh SrivastavaSat, 23 Oct 2021 10:00 AM (IST)
प्रयागराज से वाराणसी रूट पर बन रहे रेलवे ब्रिज के लिए सेना ने अपनी भूमि देने पर सहमति जताई है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज के लिए अच्‍छी खबर है। शास्त्री ब्रिज के निकट नए टू लेन रेलवे ब्रिज के लिए सेना ने दारागंज में जमीन देने की सहमति दे दी है। इसके बदले सेना को रेलवे ने झूंसी में जमीन दी है। जमीन मिलते ही ब्रिज की निर्माण एजेंसी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी ओर से झूंसी की तरफ बाढ़ का पानी कम होने के बाद काम फिर से शुरू हो गया है। इस ब्रिज का निर्माण पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से होगा और इसे दिसंबर 2023 में तैयार करना है।

नंबर गेम

- 02 लेन होगा यह ब्रिज

- 11 पिलर पर चल रहा है काम

- 25 पिलर बनाए जाएंगे ब्रिज में

- 18 हेक्टेयर ली गई है सेना की जमीन

- 22 हेक्टेयर देनी पड़ी रेलवे को

- 40 मीटर गहरी पिलर की नींव

- 1800 मीटर लंबा बनाया जाएगा नया रेल ब्रिज

- 500 करोड़ की लागत से आरवीएनएल करवा रहा निर्माण

- 2023 तक पूरा करना है निर्माण।

प्रयागराज-वाराणसी के लिए सिंगल लेन रेलवे ब्रिज है

रामबाग से वाराणसी जाने के लिए अभी रेलवे का गंगा पर सिंगल लेन ब्रिज है। अगर रामबाग से वाराणसी के लिए ट्रेन चली तो उधर से आने वाली ट्रेन को झूंसी में ही रोकना पड़ता है। यह सिंगल लेन ब्रिज सालों पुराना भी हो गया है। इसलिए अब उसके बराबर में टू लेन का नया ब्रिज बनाया जा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में आरवीएनएल ने झूंसी की तरफ से पुल का काम शुरू कर दिया। बाढ़ से आने से पहले उन्होंने 11 पिलर की नींव डाल दी। बाढ़ के दिनों में काम ठप था।

दारागंज में सेना की जमीन के बदले झूंसी में रेलवे ने दी भूमि

इस ब्रिज के दारागंज की तरफ सेना की जमीन है। सेना से जमीन लेने के लिए रेलवे को कई महीने तक पत्राचार किया था। दारागंज में रेलवे ब्रिज का जितने में गुजरेगा, उतने में सेना की 18 हेक्टेयर जमीन है। शहर के निकट वह कीमती जमीन है। उसके बदले रेलवे ने सेना को 22 हेक्टेयर जमीन झूंसी में दी है। उसके बाद अब सेना ने जमीन देने की सहमति दे दी है।

आरवीएनएल के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर बोले- 2023 में शुरू होगा पुल

आरवीएनएल के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर वीके अग्रवाल कहते हैं कि सेना को दारागंज की जमीन के मालियत के बदले झूंसी में जमीन दी है तो वह इसे देने को तैयार हो गए हैं। इसलिए वहां पर जल्द काम शुरू हो जाएगा, अभी कुछ सामान गिराया है। इस ब्रिज में कुल 25 पिलर बनाए जाएंगे। इसमें 11 पर काम चल रहा है। वहीं गार्डर की ढलाई भी चल है। इस पुल को दिसंबर 2023 में शुरू कर देंगे। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.