GIC Teachers: विलंबित गोपनीय आख्या और डीपीसी ने छीन लिए पदोन्नति के सपने

समय-समय पर पदोन्नति मिले तो जीआइसी में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त शिक्षक राजपत्रित (गजटेड) पद तक पहुंच जाते हैैं। गोपनीय आख्या और डीपीसी की प्रक्रिया समय पर पूरी न होने से राजकीय इंटर कालेज के कई सहायक अध्यापक प्रभावित और पीडि़त हैैं।

Ankur TripathiFri, 17 Sep 2021 01:27 PM (IST)
कभी अधूरी आख्या तो कभी अधूरे कोरम के चलते शिक्षकों की नहीं हो सकी पदोन्नति

अवधेश पाण्डेय, प्रयागराज। नौकरी में आए तो सोचा था कि समय-समय पर पदोन्नति पाकर आगे बढ़ेंगे, लेकिन राजकीय इंटर कालेजों (जीआइसी) के कई सहायक अध्यापकों व प्रवक्ताओं की किस्मत ऐसी नहीं थी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग की गोपनीय आख्या और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की डीपीसी (विभागीय पदोन्नति कमेटी) में कई शिक्षक ऐसे फंसे हैं कि 30 साल की सेवा के बाद भी भी वहीं के वहीं हैैं।

समय पर पदोन्नति मिले तो गजटेड पद तक पहुंचते हैं शिक्षक

समय-समय पर पदोन्नति मिले तो जीआइसी में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त शिक्षक राजपत्रित (गजटेड) पद तक पहुंच जाते हैैं। गोपनीय आख्या और डीपीसी की प्रक्रिया समय पर पूरी न होने से राजकीय इंटर कालेज के कई सहायक अध्यापक प्रभावित और पीडि़त हैैं। इन्हीं में जीआइसी प्रयागराज में सहायक अध्यापक रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय भी हैं। वह 1991 में चयनित हुए थे। अब सेवा के 30 साल हो रहे हैैं, लेकिन आज भी सहायक अध्यापक ही हैैं। इसी तरह कई और भी शिक्षक प्रभावित हैैं। ऐसा नहीं कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। यह चलती तो है, लेकिन कभी अधूरी आख्या तो कभी लोक सेवा आयोग की डीपीसी में माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों के न पहुंचने से अटक जाती है।

अब राजकीय शिक्षक संघ पाण्डेय गुट के (महामंत्री) बन चुके रामेश्वर प्रसाद पांडेय ढिलाई के ऐसे कई उदाहरण गिनाते हैैं। 10 विषयों के 794 सहायक अध्यापकों की पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग (राजकीय) ने फरवरी-2021 में लोक सेवा आयोग को प्रमोशन सूची के साथ गोपनीय आख्या भेजी थी, जिसे आयोग ने आपत्ति लगाकर संशोधित भेजने को कहा। इसका जवाब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जून में दिया। इसके बाद आयोग ने 29 जुलाई को डीपीसी करने की तिथि तय की, लेकिन माध्यमिक शिक्षा निदेशक के न आने से नहीं हो सकी। फिर अगस्त में तिथि तय हुई तो निदेशक ने विधानसभा सत्र चलने के कारण आने से असमर्थता जता दी। राजकीय शिक्षक संघ की अध्यक्ष छाया शुक्ला ने शिक्षा मंत्री को जानकारी दी, तब निदेशक आए। इसमें गोपनीय आख्या अधूरी होने को लेकर डीपीसी कमेटी के चेयरमैन ने आपत्ति जताकर 15 दिन में इसे पूरी कराकर भेजने का समय दिया, जो पूरी नहीं हुई।

आयोग ने निदेशालय को भेजा पत्र

लोक सेवा आयोग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश मिश्र ने बीती 18 अगस्त को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक नियुक्ति अनुभाग-दो को पत्र लिखा कि प्रवक्ता संवर्ग पुरुष में पदोन्नति के लिए 17 अगस्त की चयन समिति की बैठक में गोपनीय आख्या अधूरी थी, इसे शीघ्र पूरा कराकर भेजें। अब आयोग ने शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है कि सात अक्टूबर को आयोग मुख्यालय में प्रोन्नति चयन समिति की बैठक होगी। साथ ही कहा है कि गोपनीय आख्या पूरी कर अभी तक अभिलेख नहीं मिला है। इसे पांच अक्टूबर तक अवश्य भेजें।

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