Agriculture: खेत में खोदवाएं तालाब, होगा जल संरक्षण और सिंघाड़े की खेती भी

खोदवाए गए तालाबों में वर्षा का जल संरक्षित होगा और इससे खेतों की सिंचाई भी हो सकेगी। इस साल जिले में 50 तालाब खोदवाने का लक्ष्य भूमि संरक्षण विभाग को मिला है। इसमें से अब तक 29 तालाबों की खोदाई हो चुकी है

Ankur TripathiTue, 19 Oct 2021 08:00 AM (IST)
खेत में तालाब खोदने से सुधरेगा भूजल स्तर तो कर सकेंगे मत्स्य पालन

प्रतापगढ़, जागरण संवाददाता। सरकार ने जलसंरक्षण के लिए खेत तालाब योजना की शुरुआत चार साल पूर्व की थी। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत में तालाब खोदवा सकते हैं। खोदवाए गए तालाबों में वर्षा का जल संरक्षित होगा और इससे खेतों की सिंचाई भी हो सकेगी। इस साल जिले में 50 तालाब खोदवाने का लक्ष्य भूमि संरक्षण विभाग को मिला है। इसमें से अब तक 29 तालाबों की खोदाई हो चुकी है।

खेतों को पानी और आय का भी जरिया बनते हैं तालाब

खेत तालाब योजना के अंतर्गत तैयार तालाबों में वर्षा का पानी बाहर नहीं जा पाता। तालाब में ही वर्षा का जल संरक्षित हो जाता है। इससे भूजल स्तर ठीक रहता है तथा फसलों को भी लाभ पहुंचता है। इसके साथ ही जब सिंचाई करनी होती है तो पानी खोजना नहीं पड़ता। समय से फसलों की सिंचाई हो जाती है। फसलों की सिंचाई के अलावा इससे और भी कई फायदे हैं। तालाब में मत्स्य पालन भी किया जा सकता है । सिंघाड़ा की खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं । ऐसे में यह तालाब किसानों की खेतों को पानी देने के साथ आय संवर्धन का भी काम करते हैं। जिले में वर्ष 2017-18 से यह योजना सरकार ने शुरू की थी। बीते तीन सालों में जिले में कुल 109 तालाबों की खोदाई खेत तालाब योजना अंतर्गत कराई गई है। इनमें वर्षा का जल संरक्षित होने से किसानों को लाभ मिल रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021- 22 में जिले के लिए 50 किसानों का लक्ष्य निर्धारित है । प्रत्येक ब्लॉक में दो सामान्य व एक अनुसूचित जाति के किसान योजना का लाभ ले सकेंगे। खोदे जाने वाले तालाब पर एक लाख पांच हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें से 52 हजार पांच सौ रुपये कृषक अंश तथा 52 हजार पांच सौ रुपये कृषक अनुदान है।

सिंघाड़ा पोषक तत्वों से भरपूर

सिंघाड़ा पोषक तत्वों से भरपूर रहता है। सिंघाड़े में विटामिन-ए, सी, मैंगनीज, थायमाइन, कर्बोहाईड्रेट, टैनिन, सिट्रिक एसिड, रीबोफ्लेविन, एमिलोज, फास्फोराइलेज, एमिलोपैक्तीं, बीटा-एमिलेज, प्रोटीन, फैट और निकोटेनिक एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जिले के कुंडा, बिहार व मानधाता के कुछ किसान सिंघाड़े की खेती करते हैं।

वर्ष 2017-18 से वर्ष 2020- 21 के तीन वर्ष के वित्तीय वर्ष में जिले में 109 तालाबों की खोदाई खेत तालाब योजना में कराई गई है । इनमें वर्षा का जल संरक्षित होने से किसानों को लाभ मिल रहा है। इस साल 50 किसानों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य मिला था। 29 तालाबों की खोदाई हो चुकी है।

-डॉ. रमेश चंद्र, भूमि संरक्षण अधिकारी

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