top menutop menutop menu

Bareilly Jail Shifting : खाकी को देख पूर्व विधायक अशरफ दहशत में था, बोला-क्या बात हो गई साहब! Prayagraj News

प्रयागराज, जेएनएन। कानपुर में विकास दुबे के एनकाउंटर के अगले ही दिन यानी  शनिवार भोर करीब चार बजे। जेल अधिकारी नैनी सेंट्रल जेल में पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की बैरक में पहुंचते हैं, उसे जगाते हैैं। अचानक जेल अधिकारियों को देखकर वह सहम गया। बोला-क्या बात हो गई साहब...। अफसरों ने कहा तैयार हो जाओ, बरेली जेल चलना है...। अब तुम वहीं रहोगे...।

नैनी जेल के बैरक में विकास दुबे मुठभेड़ की बंदियों से बातचीत करता रहा

24 घंटे की रिमांड काटकर शुक्रवार को वापस नैनी सेंट्रल जेल पहुंचा अशरफ चुपचाप अपनी बैरक में चला गया। वहां अन्य बंदियों से उसकी कानपुर में कुख्यात अपराधी विकास दुबे के मुठभेड़ में ढेर होने को लेकर बातचीत हुई। देर रात तक वह बंदियों से किसी न किसी मामले को लेकर बातचीत करता रहा। करीब एक बजे सो गया। लगभग चार बजे जेल अधिकारी उसके पास पहुंचे और उसे जगाकर बरेली जेल चलने को कहा। करीब आधे घंटे स्नान के बाद उसने नमाज पढ़ी, तब तक सुबह होने को आ गई। करीब पांच बजे उसे जेल के मुख्य द्वार से बाहर ले आया गया। दूर-दूर तक खाकी को देखकर उसके चेहरे पर दहशत साफ झलक रही थी। उसने आसमान की तरफ देखा और कुछ बुदबुदाया। इसके बाद सीधे वज्र वाहन में जाकर बैठ गया।

अशरफ से था सुरक्षा के चक्रव्यूह को खतरा

पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ को यूं ही बरेली जेल स्थानांतरित नहीं किया गया है। उससे जेल की सुरक्षा को खतरा था। मसलन पूर्व सांसद अतीक अहमद के कई गुर्गे यहां पहले से बंद हैं। अशरफ के पहुंचने से गुर्गे सक्रिय हो गए थे। सुरक्षा को लेकर शासन तक बात पहुंची तो अशरफ को यहां से बरेली जेल शिफ्ट करने में थोड़ी भी देर नहीं की गई।

पूर्व सांसद अतीक के कई गुर्गे अभी नैनी जेल में ही हैं

पूर्व विधायक अशरफ से पहले पूर्व सांसद अतीक अहमद को भी नैनी जेल में बंद किया गया था। अतीक से भी सुरक्षा का खतरा था। यही नहीं पूर्व सांसद से ऐसा खतरा था कि सीधे दूसरे प्रदेश गुजरात की जेल में भेज दिया गया। यानि पूर्व सांसद अतीक से प्रदेश की हर जेल में सुरक्षा का खतरा था। हालांकि, पूर्व सांसद के कई गुर्गे अभी नैनी जेल में ही हैं। अब पूर्व विधायक अशरफ के पहुंचने के बाद इन गुर्गों का भीतर ही भीतर मनोबल बढ़ गया था। हालांकि, अशरफ से इनकी मुलाकात इसलिए नहीं हो पाई थी, क्योंकि उसे अस्थाई जेल (क्वारंटाइन) में रखा गया था।

शासन से अशरफ को बरेली जेल ट्रांसफर का आया फरमान

इसी बीच पुलिस ने उसे रिमांड पर ले लिया था। कहीं न कहीं जेल प्रशासन व जिले की पुलिस को यह लगने लगा था कि अशरफ के जेल में रहने से सुरक्षा को खतरा है। इसी के मद्देनजर जेल प्रशासन ने जिले के अधिकारियों से वार्ता की। रिपोर्ट शासन को भेजी गई और फिर वहां से अशरफ को बरेली जेल ट्रांसफर करने का फरमान आ गया।

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.