कोरोना काल में बढ़ाया मदद का हाथ, प्रयागराज में पीडि़तों तक पहुंचकर डा. सुषमा ने किया इलाज

कोरोना संक्रमण के भय से जब लोग घर के भीतर दुबके थे। तब डा. सुषमा ने कइयों का जीवन बचाया

अप्रैल 2020 में जब लॉकडाउन लागू हुआ तब लोगों को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी। खाने-पीने के लाले थे मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा था। उस विषम परिस्थिति में डा. सुषमा पीडि़तों के घर स्वयं पहुंची।

Ankur TripathiWed, 14 Apr 2021 02:12 PM (IST)

केस-एक : जून 2020 को नागेश्वर आश्रम अरैल में रहने वाले आचार्य विवेकानंद, आचार्य सोमेश्वर व आचार्य अवधेश कोरोना से पीडि़त हो गए थे। इलाज का कोई प्रबंध नहीं था। वाट्सएप गु्रप के जरिए डा. सुषमा को इसकी जानकारी मिली तो आश्रम जाकर सबका निश्शुल्क इलाज किया व दवा का प्रबंध कराया।

केस-दो : फूलपुर निवासी कलावती (45) का कोरोना काल में हाथ-पांव सुन्न हो गया था। एक आंख की रोशनी चली गई थी। डा. सुषमा ने इनका इलाज किया। दवाओं का प्रबंध स्वयं किया, आज उनकी स्थिति ठीक है।

केस-तीन : जजेज कालोनी में रसोइया का काम करने वाली माया थापा अक्टूबर 2020 में स्तन कैंसर से पीडि़त थीं। दिमाग में गांठ बनने से मिर्गी का दौरा आ रहा था। इलाज के लिए पैसे नहीं थे। डा. सुषमा ने आपरेशन करके दवा का स्वयं प्रबंध किया।

प्रयागराज, जेएनएन। सालभर पहले कोरोना संक्रमण के भय से जब लोग घर के भीतर दुबके थे। तब डा. सुषमा ने कइयों का जीवन बचाया था। उन्होंने न दिन देखा, न रात। घर-परिवार से दूर रहकर लोगों की सेवा में लीन रहीं। सेवा का वह सिलसिला अभी तक जारी है।

अप्रैल 2020 में जब लॉकडाउन लागू हुआ तब लोगों को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी। खाने-पीने के लाले थे, मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा था। उस विषम परिस्थिति में डा. सुषमा पीडि़तों के घर स्वयं पहुंची। पिछले साल सितंबर महीने में सच्चा बाबा आश्रम के महंत चेतन महाराज को रात में पैरालिसिस का अटैक पड़ गया। वे कोमा में चले गए। सूचना मिलने पर डा. सुषमा ने आश्रम जाकर इलाज करके उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। कोरोना संक्रमित महिलाओं, पुरुषों का इलाज किया। उन्हें निश्शुल्क दवा दी। वह कहती हैं कि चिकित्सक का कार्य पीडि़तों की जान बचाना है। वह अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन कर रही हैं, ऐसा करके उन्हें आत्मीय सुख की अनुभूति होती है।

दवा व राशन का वितरण किया

बीते साल अप्रैल से जुलाई तक डा. सुषमा ने कीडगंज, गऊघाट, दारागंज, अलोपीबाग, फाफामऊ, नैनी, करेलाबाग की मलिन बस्तियों में राशन के पैकेट, दवाएं, मास्क व सैनिटाइजर का वितरण कराया। इधर, कोरोना संक्रमण बढऩे पर मास्क, सैनिटाइजर व साबुन का वितरण करवा रही हैं।

पौधारोपण के लिए करती हैं जागरूक

पर्यावरण संरक्षण के लिए डा. सुषमा पौधारोपण के प्रति जागरूकता अभियान भी चला रही हैं। हर धार्मिक व राष्ट्रीय पर्व, अपने जन्मदिन पर पौधा लगाती हैं।

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