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घर बनने के बाद आपको पछताना न पड़े, यही टिप्‍स बात घर की शिविर में दिए Prayagraj News

प्रयागराज, जेएनएन। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका भी अपना एक घर हो। हालांकि इसके लिए पैसे के साथ मजबूत इरादा भी होना चाहिए। बहुत से लोग पैसा और बड़ा इरादा होने के बावजूद सही जानकारी के अभाव में मकान बनवा लेते हैं लेकिन बाद में मकान में दरार पडऩे और सीलन की समस्या आ जाती है। ऐसे में लोगों के सपने को साकार करने और उन्हें सही जानकारी मुहैया कराने में मदद के लिए आगे आया है अल्ट्राटेक सीमेंट। 'बात घर की' शिविर में पहुंचे लोगों को घर निर्माण संबंधी आवश्‍यक जानकारी से विशेषज्ञों ने अवगत कराया। अगर आप शिविर में नहीं पहुंच सके हैं तो हम आपको विशेषज्ञों के टिप्‍स से अवगत करा रहे हैं ताकि आपको भी यह सब पता रहे।

 

वीडियो के जरिए घर बनाने के संबंध में सात पड़ावों की जानकारी दी गई

दरअसल, अल्ट्राटेक सीमेंट और दैनिक जागरण के संयुक्त तत्वावधान में केपी कम्युनिटी हाल में शुरू हुए दो दिवसीय 'बात घर की' शिविर के पहले दिन मकान निर्माण संबंधी हर पहलू की जानकारी दी गई। शिविर में जुटे सैकड़ों लोगों को इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बताया कि यदि व्यक्ति सही तरीके से प्लानिंग करे तो उसे घर बनाने में कोई असुविधा नहीं होगी। वीडियो के जरिए घर बनाने के संबंध में सात पड़ावों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अपना खुद का घर बनाना एक लंबा सफर है। इस सफर की शुरुआत कहां से करें और कैसे चरणबद्ध तरीके से इसे पूरा करते हुए गृह प्रवेश तक पहुंचें। घर में रहने के लिए क्या इंतजाम करें, इस बारे में भी जानकारी दी गई।

 

घर बनाने के अलग-अलग पड़ाव की जानकारी दी

वहीं, प्रदर्शनी में सात स्टॉल लगे हैं, जिस पर विशेषज्ञों ने घर बनाने के अलग-अलग पड़ाव की जानकारी दी। शिविर में आने वाले लोगों का रजिस्ट्रेशन भी हुआ। उन्हें कूपन और ब्रोसर दिए गए। कूपन के अलग-अलग खंडों को सभी स्टॉलों पर जमा करा लिए गए। इन कूपन के जरिए लकी ड्रा निकलेगा। रविवार यानी आज शिविर का समापन होगा। कार्यक्रम से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए 9924447368, 7500168338 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

ये हैं सात पड़ाव

प्लानिंग, प्लॉट का चुनाव, बजट, टीम का चयन, निर्माण सामग्री कैसा इस्तेमाल कर रहे हैं, पर्यवेक्षण और गृह प्रवेश।

 

घर बनाने के लिए क्या जरूरी, किन चीजों का रखें ध्यान

-कितना बड़ा घर चाहिए, कितने कमरे होने चाहिए।

-हमारे पास इतना बजट है कि नहीं, इसकी सही प्लानिंग होनी चाहिए।

-बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ऊंचाई पर मकान बनवाना चाहिए।

-सही प्लानिंग के लिए इंजीनियरों से सलाह लेना चाहिए। वह नई तकनीक की जानकारी देंगे।

-रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

-लोन से संबंधित कौन से दस्तावेज होने चाहिए।

-सही बीम, समतल ईंट, ब्रांडेड निर्माण सामग्री का चयन करना चाहिए।

-कंस्ट्रक्शन साइट से जुड़ी हर जानकारी रखनी चाहिए।

सवाल-जवाब का भी चला दौर

शिविर में सवाल-जवाब का भी दौर चला। नुक्कड़ नाटक के जरिए कलाकार गृह निर्माण संबंधी जिन बिंदुओं को प्रदर्शित कर रहे थे, सवाल उन्हीं बिंदुओं पर पूछे गए। सही जवाब देने वालों को पुरस्कार भी दिया गया।

11 ग्राम प्रधान किए गए सम्मानित

शिविर में पहले दिन 11 ग्राम प्रधानों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले ग्राम प्रधानों में पूरे बघेल के राजनाथ दुबे, सतपुरा के महेश तिवारी, नारीबारी के प्रभाकांत शुक्ल, अकौरिया के सुनील सिंह, टिकरौही के आशुतोष त्रिपाठी, सरसैड़ी के संदीप द्विवेदी, दलापुर के प्रकाश चंद्र मिश्र, कोटवां के राजेंद्र कुमार यादव, दुबावल के शिवचंद्र दुबे, दुर्जनपुर के बेला सिंह और बसहरा उपरहार के अशोक कुमार केसरवानी शामिल हैं।

 

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