Environment protection: अब खेतों में नहीं जलेंगे पुआल, फार्म मशीनरी बैंक से बनेगी खाद, प्रयागराज 14 जगह होंगे स्‍थापित

Environment protection योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक प्राथमिकता के आधार पर स्थापित कराया जाना है। इसके लिए पांच लाख रुपये की लागत की परियोजना के ग्राम समिति के लक्ष्य को 100 फीसद पूरा किया जाएगा। परियोजना की लागत का 80 फीसद अग्रिम भुगतान के रूप में दिया जाएगा।

Rajneesh MishraFri, 25 Jun 2021 07:10 AM (IST)
अब जिन ग्राम पंचायतों में सर्वाधिक पुआल (पराली) जलाने की घटनाएं सामने आइ हैं, वहां फार्म मशीनरी बैंक स्थापित होंगे।

प्रयागराज,जेएनएन। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। अब जिन ग्राम पंचायतों में सर्वाधिक पुआल (पराली) जलाने की घटनाएं सामने आइ हैं, वहां फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाएंगे। इससे फसल अवशेष को खेत में ही खाद में तब्दील किया जाएगा। शासन ने लक्ष्य के साथ अनुदान भी निर्धारित कर दिया है। आवेदन पत्र लेने की जिम्मेदारी जिला पंचायतीराज अधिकारी (डीपीआरओ) को सौंपी गई है।

योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक प्राथमिकता के आधार पर स्थापित कराया जाना है। इसके लिए पांच लाख रुपये की लागत की परियोजना के ग्राम समिति के लक्ष्य को 100 फीसद पूरा किया जाएगा। परियोजना की लागत का 80 फीसद अग्रिम भुगतान के रूप में दिया जाएगा। 20 फीसद भुगतान ग्राम पंचायतों को करते हुए हफ्तेभर में यंत्र खरीदना होगा। ऐसी चयनित ग्राम पंचायतें, जो इन-सीटू (खुद के स्थान) फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के कृषि यंत्र ले रही हैं और 15 लाख रुपये तक के अन्य कृषि यंत्र भी सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना से क्रय करना चाहती हैं, इनका चयन स्वत: फार्म मशीनरी बैंक स्थापना के लिए हो जाएगा।

उप कृषि निदेशक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि जिले की 14 ग्राम पंचायतों में फार्म मशीनरी बैंक बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को कृषि विभाग की ओर से चार लाख रुपये के हिसाब से कुल 56 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। ग्राम पंचायतें अपनी निधि संख्या-4 से एक लाख रुपये के हिसाब से 14 लाख रुपये खर्च कर फार्म मशीनरी बैंक स्थापित कराएंगी। उन्होंने बताया कि यह संपत्ति ग्राम पंचायत की होगी। भले ही ग्राम प्रधान बदलते रहेंगे। बताया कि ग्राम पंचायत समिति का आवेदन पत्र डीपीआरओ के माध्यम से उप निदेशक कृषि कार्यालय में 30 जून तक उपलब्ध कराया जाना है, ताकि जिलास्तरीय कार्यकारी समिति के सामने चयन व अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जा सके।

फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्र

फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों में पैडी स्ट्रा चापर, थ्रेडर, मल्चर, श्रव मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सबल एमबी प्लाऊ, सुपर सीडर, बेलर, सुपर एसएमएस, जीरोटिल सीड कम फर्टीडील, हैपी सीडर, स्ट्रा रेक, क्राप रीपर व रीपर कंबाइंडर में से कम-से-कम दो यंत्र अनिवार्य रूप से क्रय किया जाना है।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.