Dussehra 2021: विजया दशमी पर कौशांबी में राम-रावण की सेना के बीच देखिए LIVE गेंदा युद्ध

Dussehra 2021 रस्सी की बैरीकेडिंग के दोनों तरफ राम- रावण की सेना मौजूद रहती है। जैसे ही गेंदा युद्ध संचालक का इशारा मिलता है सुतली व बोरा के कपड़ों से बनी गेंद से दोनों तरफ के सैनिक एक दूसरे पर जबरदस्त प्रहार शुरू कर देते हैं।

Ankur TripathiThu, 14 Oct 2021 07:20 AM (IST)
कौशांबी के शहजादपुर दशहरा में गेंदायुद्ध दर्शकों के लिए होता है रोमांचकारी

कौशांबी, जागरण संवाददाता। जनपद के शहजादपुर की अति प्राचीन रामलीला मंचन के समस्त कार्यक्रम रामचरितमानस की लिखी चौपाइयों पर आधारित है। यहां विजयादशमी के दिन रावण मैदान पर होने वाला गेंदा युद्ध लोगों में रोमांच पैदा कर देता है। यह गेंदा युद्ध सजीव होता है जिसे देखने के लिए पड़ोसी जिलों से भी लोग पहुंचते हैं।

लाल कपड़े पहनकर आती है श्री राम की सेना

शुक्रवार को शहजादपुर में गेंदा युद्ध होगा। इस युद्ध में श्रीराम लाल रंग के कपड़े पहने हुए अपनी सेना के साथ लंका मैदान पर पहुंचते हैं। रस्सी की बैरीकेडिंग के दूसरी तरफ रावण की सेना मौजूद रहती है। जैसे ही गेंदा युद्ध संचालक महोदय का इशारा मिलता है, सुतली व बोरा के कपड़ों से बनी गेंद से दोनों तरफ के सैनिक एक दूसरे पर जबरदस्त प्रहार शुरू कर देते हैं। यह गेंदा युद्ध मैदान पर तकरीबन आधा घंटा तीन चरणों में चलता है जिसमें प्रत्येक चरण दस मिनट का होता है।

सीटी बजी और गेंदों से प्रहार शुरू

संचालक के सीटी बजाते ही दोनों सेनाओं के सेनानी एक दूसरे पर गेंदों का प्रहार करते है। इस दौरान कई सैनिकों को गेंद लग भी जाती है लेकिन कपड़े व सुतली का बना होने के कारण किसी को गहरी चोट नहीं पहुंचती है। बाद में युद्ध संचालक महोदय की अनुमति से गेंदायुद्ध युद्ध समाप्त कर आगे का कार्यक्रम संपन्न किया जाता है। यह गेंदा युद्ध यहां पर सदियों से होता चला आ रहा है। इस रोमांचक सजीव युद्ध को देखने के लिए कौशांबी के अलावा पड़ोसी जनपदों से भी लोग आते हैं।

जानिए इनकी जुबानी

प्राचीन काल से दशहरा के दिन राम की सेना के जवान लाल गणवेश में और रावण सेना के सेनानी काले लिबास में आमने-सामने खड़े होकर यह सजीव गेंदायुद्ध खेलते हैं जो शहजादपुर के दशहरा का आकर्षण का केंद्र है। इसे देखने को क्षेत्र के हजारों लोग एकत्र होते हैं।

इंद्र प्रकाश, राम सेनानी

श्रीरामलीला के मंचन में गेंदायुद्ध की परंपरा सदियों पुरानी है। इसे आज भी लोग उसी उत्साह के साथ देखने व खेलने आते हैं। मुझे भी रामसेनानी बने हुए पंद्रह साल हो गए।

रवि तिवारी, राम सेनानी

राम रावण की सेना के मध्य गेंदायुद्ध का जीवंत दृश्य देखकर लोग रोमांचित होते हैं। इस परंपरा का हिस्सा मेला देखने आने वाले लोग दो दलों में विभाजित होकर बनते हैं ।

नितिन तिवारी

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