बढ़ रहा असंतोष, बाधित हो सकता है डोर टू डोर कोविड सर्वे, 27 शिक्षक हो चुके प्रयागराज में कोरोना का शिकार

प्रयागराज में मेडिकल मोबाइल यूनिट के साथ लगे शिक्षकों ने रोस्टर के अनुसार ड्यूटी मांगी

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिला संयुक्त मंत्री ने बताया कि डयूटी में लगे अध्यापकों को कोई साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है। लगातार डयूटी संबंधित शिक्षक व उनके परिवार के लिए भी जानलेवा हो सकती है। शिक्षकों ने रोस्टर न बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

Ankur TripathiMon, 10 May 2021 10:08 AM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना महामारी के फैलाव पर नियंत्रण के लिए स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों के लोग भी दिन रात ड्यूटी दे रहे हैं। खासकर संक्रमितों का पता लगाने के लिए डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है। इसमें पूरे शहर को 12 जोन और 100 सेक्टर में बांटा गया है। लगातार ड्यूटी व सुरक्षा संबंधी उपकरण न उपलब्ध कराने से कर्मचारियों में असंतोष भी पनप रहा है। यदि जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो डोर टू डोर सर्वे का कार्य प्रभावित हो सकता है। क्षेत्र में जाने वाली टीमों की संख्या में भी कमी आ रही है।

250 शिक्षकों की ड्यूटी मगर कोई सुरक्षा उपकरण नहीं
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिला संयुक्त मंत्री अफरोज अहमद ने बताया कि मेडिकल मोबाइल यूनिट की मदद के लिए बेसिक शिक्षा के 250 अध्यापक भी लगाए गए हैं। उन्हें संक्रमण से बचने के लिए किसी तरह का कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिया गया है। इन अध्यापकों की ड्यूटी भी लगातार चल रही है। जब कि 15 दिन बाद इन्हें आइसोलेशन में भेज कर दूसरे शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। इस प्रकरण को कई बार बेसिक शिक्षाधिकारी के समक्ष उठाया गया। उन्होंने माना भी ऐसा होना चाहिए, आश्वासन दिया कि जल्द ही लगातार ड्यूटी दे रहे शिक्षकों के स्थान पर दूसरे लोगों को लगाया जाएगा लेकिन अब तक ऐसा हो नहीं सका। 20 से अधिक शिक्षक संक्रमित भी हो चुके हैं। उधर, नाराज शिक्षकों ने शनिवार को ड््यूटी से इनकार कर दिया। काफी देर तक मेडिकल मोबाइल यूनिट क्षेत्र में रवाना नहीं हो सकी। बाद में समझाने बुझाने पर शिक्षक मान गए रविवार को भी टीमें देर से रवाना हुईं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिला संयुक्त मंत्री ने यह भी बताया कि ड््यूटी में लगे अध्यापकों को कोई साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है। लगातार ड््यूटी संबंधित शिक्षक व उनके परिवार के लिए भी जानलेवा हो सकती है। कुछ शिक्षकों ने रोस्टर न बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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