Mahant Narenra Giri: स्तब्ध थे UP के पुलिस अधिकारी जब महंत के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे डीआइजी

देश की प्रमुख हस्तियोंं में शुमार महंत कई बार विवाद में भी घिरे थे। ऐसे कई किस्से हैं जब उनके खिलाफ उंगली उठी और उनमें एक मामला है प्रयागराज के डीआइजी का महंत के खिलाफ मुकदमा लिखाने के लिए जमीन पर बैठकर धरना देना।

Ankur TripathiTue, 21 Sep 2021 06:06 PM (IST)
देश की प्रमुख हस्तियोंं में शुमार महंत कई बार विवाद में भी घिरे थे

प्रयागराज, जेएनएन। महंत नरेंद्र गिरि नहीं रहे और उनकी मौत के पीछे का सच अभी उजागर होना बाकी है। तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। बयानबाजी हो रही है और जांच भी जारी है। महंत के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा और तभी पांच डाक्टरों का पैनल उनकी मौत का सही कारण बता सकेगा। नरेंद्र गिरि श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत और लेटे हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक के साथ ही देश में साधुओं की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे और इस वजह से उनका बेहद सम्मान था। शहर आगमन पर मंत्री हो या आला अधिकारी, उनका आशीर्वाद लेने जरूर जाते थे। देश की प्रमुख हस्तियोंं में शुमार महंत कई बार विवाद में भी घिरे थे। ऐसे कई किस्से हैं जब उनके खिलाफ उंगली उठी और उनमें एक मामला है प्रयागराज के डीआइजी का महंत के खिलाफ मुकदमा लिखाने के लिए जमीन पर बैठकर धरना देना।

तपती धूप में धरना दिया था आरएन सिंह ने

बात आज से 17 साल पहले की है। वर्ष 2004 में यहां डीआइजी रेंज थे आरएन सिंह। वह अक्सर हनुमान मंदिर जाते थे। मंदिर और बाहर भी कर्मचारियों के साथ सफाई करते और झाड़ू भी लगाते थे। मंदिर के सामने की जमीन पर वह निराश्रितों को भोजन वितरण के लिए पंडाल लगाना चाहते थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने इस पर प्रशासन से हस्तक्षेप की बात की लेकिन डीआइजी का मसला होने के बावजूद कुछ नहीं हुआ। वजह थी नरेंद्र गिरि की सत्ता तक सीधी पहुंच और प्रभाव। इसके विरोध में डीआइजी ने ऐसा कदम उठाया कि शासन प्रशासन के आला अधिकारी भी सन्न रह गए। वह मंदिर के सामने तपती धूप में जमीन पर धरने पर बैठ गए। डीआइजी जमीन पर बैठे थे और उनके हमराह पुलिसवाले आसपास खडे थे। अच्छा खासा तमाशा बन गया था। टीवी पर खबर सुर्खियों में आ गई। और फिर धरना देने वाले डीआइजी को सस्पेंड कर दिया गया। 

सपा विधायक से भी हो गया था टकराव

यह मामला है साल 2012 का। हंडिया से सपा विधायक रहे महेश नारायण सिंह से मठ के बगल की जमीन के लिए महंत से टकराव हो गया था। तब फरवरी 2012 में महंत ने महेश नारायण सिंह समेत तीन नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ जार्जटाउन थाने मेंं केस लिखाया था। महेश नारायण पक्ष की ओर से भी नरेंद्र गिरि और आनंद समेत चार लोगों के खिलाफ एफआइआर लिखा दी गई थी। यह मामला कई दिन तक सुर्खियों में बना रहा।

महंत ने योगी सत्यम पर कराया था केस

यह भी नरेंद्र गिरि से जुड़े विवाद में एक किस्सा है। अगस्त 2018 में महंत ने झूंसी स्थित क्रिया योग आश्रम के योगी सत्यम के खिलाफ दारागंज थाने में एफआइआर लिखा दी थी। दरअसल अखाड़ा परिषद ने योगी सत्यम को फर्जी संतों की सूची में डाल दिया था। आरोप है कि योगी सत्यम ने फोन पर नरेंद्र गिरि को धमकी दी थी।

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