निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला और बच्चे की मौत, प्रतापगढ़ में घटना की हो रही जांच

नगर कोतवाली के चांदपुर गांव के संतोष यादव की पत्नी रूपा यादव गर्भवती थी। तीन दिन पहले बुखार होने पर घरवाले उसे लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर नर्स ने चेक किया तो बताया कि अभी बच्चा होने में समय है। बुखार का उपचार कहीं करा लो।

Ankur TripathiMon, 26 Jul 2021 07:38 PM (IST)
बीमार होने पर झांसा देकर वहां ले गई थी आशा, डिप्टी सीएमओ कर रहे छानबीन

प्रतापगढ़, जागरण संवाददाता। राजकीय मेडिकल कालेज के अस्पताल के पास एक नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई गर्भवती महिला और उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस पर आक्रोशित घर वालों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बचने के लिए अस्पताल संचालक दोनों शव को बाहर निकालकर भाग निकला।

बुखार होने पर किया गया था भर्ती

नगर कोतवाली के चांदपुर गांव के संतोष यादव की पत्नी रूपा यादव गर्भवती थी। तीन दिन पहले बुखार होने पर घर के मनोज आदि लोग उसे लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर नर्स ने चेक किया तो बताया कि अभी बच्चा होने में समय है। बुखार का उपचार कहीं करा लो। इस बीच वहां मिली एक आशा ने अपनी खास उसी अस्पताल में तैनात एक महिला चिकित्सक के नाम से उसे बरगलाया। कहा कि अस्पताल के पास ही जीवन ज्योति नर्सिंग होम है। उसमें भर्ती करा दो। महिला को वहां ले जाया गया तो रविवार रात करीब एक बजे प्रसव पर मृत बच्चा पैदा हुआ। कुछ ही देर में रूपा की भी जान चली गई। इस पर घर वालों को बिना ठीक से बताए वहां के स्टाफ ने भोर में उसको बाहर निकाल दिया व ताला बंदकर भाग गए। सुबह घर के लोग पहुंचे व हंगामा करने लगे। पुलिस ने उनको शांत कराकर घर भेजा। इसके बाद जानकारी पाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम को सील कर दिया। इस मामले में सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि पीडि़तों ने शिकायत नहीं की है। विभाग ने स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की है। आगे की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डा. एसके सिंह को जिम्मेदारी दी गई है।

अचानक बोर्ड गायब

जिस भवन में नर्सिंग होम चल रहा था, उसके लोगों ने उसके नाम का बोर्ड हटा दिया। जब इंटरनेट मीडिया पर खबर वायरल होने लगी तो बहुत से लोग घटनास्थल पर पहुंचे। वहां कोई बोर्ड नहीं था। वहां मिले लोग कह रहे थे कि यहां ऐसा कोई नर्सिंग होम नहीं है।

बेंच पर मरीज को लेटाया

गर्भवती महिला को उक्त नर्सिग होम में बेंच पर ही तीन घंटे रखा गया। इससे वह और गंभीर हो गई। यही नहीं जांच के नाम पर कई बार सीढ़ी से नीचे-ऊपर ले जाया गया। रूपा के परिवार के सदस्य मनोज कुमार ने पुलिस को बयान दिया कि उसके मरीज के साथ खिलवाड़ किया गया, जिससे यह हादसा हो गया।

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