आनंद गिरि की जमानत अर्जी खारिज, पांच को फिर पेशी

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्ता किए गए आनंद गिरि की याचिका कोर्ट ने मंजूर नहीं की।

JagranThu, 23 Sep 2021 01:57 AM (IST)
आनंद गिरि की जमानत अर्जी खारिज, पांच को फिर पेशी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित आनंद गिरि व मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी की जमानत अर्जी बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। फिर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिनों के लिए केंद्रीय कारागार नैनी भेज दिया। मामले मे अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्रनाथ (सीजेएम) ने इस चर्चित मामले में विवेचक की अर्जी पर अभियोजन अधिकारी अतुल कुमार द्विवेदी व प्रदीप कुमार एवं आरोपितों के अधिवक्ता के तर्कों को सुना। कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने अर्जी में कहा है कि विवेचना 24 घंटे में पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए। उपलब्ध कागजात और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक अभिरक्षा की अवधि स्वीकार किए जाने का पर्याप्त आधार है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को आदेश दिया है कि आरोपितों को अभिरक्षा में रखें और नियत तिथि पर अदालत द्वारा तलब किए जाने पर प्रस्तुत करें। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता विजय कुमार द्विवेदी व सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि 24 घंटे से अधिक निरुद्ध रखा गया है। जमानत प्रार्थना पत्र पेश करते हुए आनंद गिरि व अन्य के विरुद्ध लगाए गए आरोप को बचाव पक्ष ने झूठे व आधारहीन बताया। रंजिश में फंसाए जाने की बात की। कहा कि उनके विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता।

विवेचना में एकत्र सामान पेश

नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के मामले में घटनास्थल से बरामद सामान को भी पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने इन पर अपने हस्ताक्षर बनाकर पुलिस को वापस कर दिया। पुलिस इसे अपनी सुरक्षा में रखेगी और बतौर सबूत अदालत में पेश करेगी। मौके से बरामद रस्सी, चाकू और सुसाइड नोट के अलावा सीसीटीवी कैमरे फुटेज के लिए डिजिटल वीडियो रिकार्डर यानी डीवीआर तथा दो मोबाइल फोन पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। एसआइटी के मुखिया अजीत सिंह चौहान ने बताया कि इस मोबाइल फोन में घटना से पूर्व नरेंद्र गिरि ने एक वीडियो बनाया है।

इतनी भीड़ उमड़ी कि टूट गई कुर्सी

गिरफ्तार आनंद गिरि व आद्या तिवारी को जब पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो इतनी भीड़ उमड़ी कि अधिवक्ताओं और वादकारियों के बैठने के लिए रखी कुर्सी टूट गई। मेज क्षतिग्रस्त हो गया। अफरा-तफरी भी मची रही। आनंद गिरि के कुछ अनुयायियों ने उनका सुरक्षा घेरा बनाना चाहा तो कुछ ने भला-बुरा कहा।

दूसरी खबर

अस्पताल में अभिवादन, कोर्ट में कांपे हाथ -पांव

अर्स से फर्श :

- भीड़ देख आद्या तिवारी भी हो गया भयभीत

- धक्कामुक्की के साथ मारो-मारो का हल्ला

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : गजब का रसूख। सैकड़ों अनुयायी। विलासी जीवन। समय का चक्र देखिए कि गुरु की मौत ने शिष्य आनंद गिरि की जिदगी अर्श से फर्श पर ली दी। घंटों पुछताछ के बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) बुधवार अपरान्ह करीब साढ़े तीन बजे आनंद और आद्या को लेकर पहले बेली अस्पताल पहुंची। मेडिकल कराने के करीब 20 मिनट बाद ट्रामा केयर सेंटर से पहले आद्या को बाहर निकाला गया। उसका चेहरा लटका हुआ था। फिर पुलिसकर्मियों के सुरक्षा घेरे में बाहर निकले आनंद गिरि ने एक हाथ उठाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। एसआइटी सदस्यों और पुलिस जवानों ने दोनों को अलग-अलग प्रिजन वैन में बैठाया और फिर हूटर बजाती हुई गाड़ियां जिला अदालत पहुंच गईं। न्यायालय परिसर में पहुंचते ही वकीलों और दूसरे लोगों की भीड़ जुट गई। यहां आनंद गिरि के चेहरे का भाव साफ तौर पर बताने लगा कि अब वह मुल्जिम बन गए हैं। कोर्ट रूम जाने के लिए सीढि़यों पर पैर रखा, कांप उठे। आद्या तिवारी भी भयभीत हो गया। मजिस्ट्रेट के सामने दोनों आरोपितों को पेश करने के बाद पुलिस ने कोर्ट रूम से बाहर निकाला तो धक्का मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोगों ने मारो-मारो का हल्ला मचाया। एसआइटी, क्राइम ब्रांच और पुलिस के जवानों ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला और फिर दोबारा प्रिजन वैन में बैठाया। तब तक आनंद गिरि का चेहरा पूरी तरह उदास था। आंखों में अनजान डर दिखा। आद्या का भी ऐसा ही कुछ हाल रहा।

पैर छूने वाले हाथों ने नमस्ते नहीं किया

कोर्ट रूम के बाहर मौजूद एक अधिवक्ता को आनंद गिरि की हालत पर तरस आ गया। उन्होंने साथी से कहा कि देखिए यहां मौजूद कुछ शख्स जो आनंद गिरि के कभी पैर छूते थे, आज नमस्ते करने के लिए भी नहीं उठे। यही है जिदगी का फलसफा। तीसरी खबर

हाई सिक्योरिटी में रखे गए हैं आनंद गिरि

संसू, नैनी (प्रयागराज) : योग गुरु आनंद गिरि और लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी बुधवार शाम छह बजे के आसपास केंद्रीय कारागार में दाखिल कराए गए। जेल में उन्हें कैदियों से अलग हाई सिक्योरिटी में रखा गया है। जेल मैनुअल के मुताबिक व्यवस्था की गई है। पुलिस ने जैसे ही दोनों को जेल में दाखिल कराया पहले से तैयार बैरक में उन्हें भेज दिया गया। उन्हें दाल, रोटी और सब्जी परोसी गई , जिसे खाने से दोनों ने मना कर दिया। जेल में दाखिल कराए जाते समय दोनों के सामान वाले बैग की गेट पर तलाशी ली गई। कुछ सामान मैनुअल के मुताबिक प्रतिबंधित था, उसे गेट पर ही रखवा लिया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय का कहना है कि आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को कैदियों से दूर अलग रखा गया है। जेल नियमों के मुताबिक सुविधाएं दी गईं हैं। सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है।

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