Corona Mai Mandir: प्रतापगढ़ के सांगीपुर में बनवाया गया कोरोना माता का मंदिर शुक्रवार देर रात ढहाया गया

Corona Mai Mandir प्रतापगढ़ जिले में सांगीपुर बाजार से दो किलोमीटर दूर दीवानगंज रोड पर जूही शुकुलपुर गांव में बने कोरोना माई मंदिर को पुलिस ने शुक्रवार रात ढहा दिया। सांगीपुर पुलिस देर रात यहां पहुंची थी।

Dharmendra PandeySat, 12 Jun 2021 12:29 PM (IST)
तोड़ी गई मूर्ति का अवशेष ट्रैक्टर ट्राली में रखकर बाहर कर दिया।

प्रतापगढ़, जेएनएन। विवाह के लिए जयपाल के बाद स्टेज पर चढऩे से पहले दुल्हन के रिवाल्वर से फायरिंग का मामला अभी पुराना भी नहीं पड़ा था कि प्रतापढ़ में लोगों ने मंदिर में मूर्ति की स्थापना कर 'कोरोना माई की पूजा भी शुरू कर दी। प्रतापगढ़ के सांगीपुर में बनवाया गया कोरोना माता का मंदिर शुक्रवार देर रात ढहा दिया गया। यहां पर मंदिर ढहाए जाने से क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए फोर्स तैनात है।

जांच में यह मामला दो सगे भाइयों के बीच जमीन को लेकर विवाद का निकला है।प्रतापगढ़ जिले में सांगीपुर बाजार से दो किलोमीटर दूर दीवानगंज रोड पर जूही शुकुलपुर गांव में बने कोरोना माई मंदिर को पुलिस ने शुक्रवार रात ढहा दिया। सांगीपुर पुलिस देर रात यहां पहुंची थी। इसके बाद तोड़ी गई मूर्ति का अवशेष ट्रैक्टर ट्राली में रखकर बाहर कर दिया।

सांगीपुर बाजार से दो किलोमीटर दूर दीवानगंज रोड पर जूही शुकुलपुर गांव में कोरोना माता का मंदिर सात जून को बनाया गया था। गांव के लोकेश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने नीम के पेड़ के नीचे मंदिर बनवा मूर्ति की स्थापना की। इस मंदिर में लोग आने-जाने लगे और कोरोना से मुक्ति के लिए पूजन करने लगे थे। शुक्रवार की देर रात बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मंदिर ढहा दिया और मंदिर का मलबा ट्रैक्टर से उठा ले गए। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया।

सूचना पाकर सांगीपुर पुलिस शुक्रवार की रात लगभग 10:30 बजे पहुंची और मौजूद लोगों को भगाया। लोकेश श्रीवास्तव के बड़े भाई नागेश कुमार श्रीवास्तव सहित कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। नागेश कुमार श्रीवास्तव का आरोप है कि उनके छोटे भाई लोकेश ने जमीन हड़पने के लिए मंदिर का निर्माण कराया था। उन्होंने सांगीपुर थाना में शनिवार की सुबह तहरीर भी दी है। सुबह कहा जा रहा था कि पुलिस ने ही मंदिर ढहाया है, लेकिन सीओ लालगंज जगमोहन ने इस बात से इन्कार किया है। उनका कहना है कि कोरोना मंदिर को पुलिस ने नहीं गिराया। घर में ही विवाद है, इसकी पुलिस जांच कर रही है।

शांतिभंग की आशंका में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। जूही शुकुलपुर का यह मंदिर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ तो दो पक्ष बन गए। एक इसके समर्थन में है, जबकि दूसरे का कहना है कि जिस कोरोना से इतनी मौतें हुईं उसका मंदिर कैसे बनाया जा सकता है।मंदिर में मूर्ति स्थापना कराने वाले लोकेश श्रीवास्तव के बड़े भाई नागेश कुमार श्रीवास्तव को हिरासत में ले लिया गया है। अब परिवार वाले पुलिस पर दबंगई का आरोप लगा रहे हैं।

प्रतापगढ़ का यह मंदिर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ तो भीड़ बढऩे लगी। यहां पर सात जून को गांव की ही दीपमाला श्रीवास्तव ने नीम के पेड़ तले मंदिर की स्थापना कराई थी। सांगीपुर थाना इलाके के जूही शुकुलपुर में चार दिन पहले कुछ लोगों ने कोरोना माता का मंदिर बनवाया था। जहां लोग अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए पूजा अर्चना करने लगे थे। मंदिर में कोरोना देवी की छवि को प्रतिमा के रूप में साकार किया गया था। इसके बाद यहां पूजा-पाठ शुरू हो गया था। ग्रामीणों के अनुसार यहां कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग पॉजिटिव हो गए थे। इलाज के बाद वो सभी ठीक हो गए थे। ऐसे में ग्रामीणों ने पूजा-पाठ का सहारा लिया। लोगों ने गांव में नीम के पेड़ के नीचे कोरोना माता की मूर्ति स्थापित की और सुबह-शाम आरती करने लगे थे। 

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