प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कोतवाली में गोली लगने से सिपाही की मौत

कोतवाल भागकर पहुंचे तो देखा कि सिपाही आशुतोष यादव खून से लथपथ पड़ा था, उसकी मौत हो गई थी।
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 07:51 PM (IST) Author: Brijesh Srivastava

प्रतापगढ़,जेएनएन। जिले के लालगंज कोतवाली में तैनात सिपाही आशुतोष यादव की शुक्रवार की शाम बैरक में संदिग्ध दशा में गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस अफसरों का मानना है कि सिपाही ने सरकारी एके-47 से गोली मारकर खुदकुशी की। पुलिस अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैैं।

गाजीपुर जिले का रहने वाला 2018 बैच का सिपाही अखिलेश

गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के खरौना गांव निवासी आशुतोष यादव पुत्र अखिलेश यादव वर्ष 2018 बैच के सिपाही थे। उनकी पहली तैनाती लालगंज कोतवाली में 16 फरवरी 2019 को हुई थी। वह कोतवाल के साथ शुक्रवार को क्षेत्र में निकले थे। दोपहर करीब दो बजे लौटकर कोतवाली आए और अपनी बैरक में चले गए। उसके बाद शाम करीब पांच बजे बैरक में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बैरक में रहे सिपाही दौड़कर दूसरी मंजिल के छत पर गए तो देखा कि आशुतोष यादव खून से लथपथ पड़े थे। उनकी मौत हो गई थी। इस बीच कोतवाल व सीओ भी पहुंचे। जानकारी मिलने पर पहुंचे एसपी अनुराग आर्य, एएसपी पश्चिमी दिनेश चंद्र द्विवेदी ने घटना को लेकर पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।

आठ दिन पहले छुट्टी से लौटा था आशुतोष

आशुतोष यादव के साथी सिपाहियों ने एसपी को बताया कि वह 17 सितंबर को छुट्टी से लौटे थे, तब से गुमसुम रहते थे। पूछने पर कुछ नहीं कहकर बात टाल देते थे। फिलहाल पुलिस अफसर घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घटना आत्महत्या की लग रही है। सिपाही आशुतोष यादव की ड्यूटी कोतवाल के हमराही में लगी थी। सुबह उन्हें कोतवाली से एके-47 दी गई थी। वह एके-47 घटनास्थल पर मिली है।

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