जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता, नए शोध पर जोर Prayagraj News

प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में शनिवार को सतत वैश्विक विकास के लिए बदलते जलवायु परिदृश्य के तहत कृषि में प्रगति विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ।

किसानों को निष्कर्ष निश्चित रूप से लाभ मिलेगा : केशरी देवी

सम्‍मेलन में मुख्य अतिथि फूलपुर सांसद केशरी देवी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसानों की आय दोगुना करने के मिशन में इस प्रकार के सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष निश्चित रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जाहिर करते हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, नीति निर्धारकों को इसके निराकरण को लेकर नए शोध पर जोर दिया।

पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए सभी को आगे आना होगा : डॉ. गौर

विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र सिंह गौर ने कृषि वैज्ञानिकों से किसानों के आर्थिक लाभ के दृष्टिगत शोध करने की बात कही। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आमजनों से अपील की। आयोजन सचिव डॉ. रामचंद्र ने बताया कि कृषि क्षेत्र में 50 फीसद लोग देशभर में काम करते हैं। इसके बावजूद लगातार राष्ट्रीय आय में कृषि का घटता सहयोग चिंता का विषय है।

किसानों को 50 से 70 प्रतिशत लाभ हुआ है : डॉ. पुलकाभा

असम के डॉ. पुलकाभा चौधरी ने बताया कि पशुपालन, मत्स्य पालन, आइएफएस के क्षेत्र की योजनाओं में जोड़कर किसानों को 50 से 70 प्रतिशत लाभ हुआ है। सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस दौरान डॉ. वीके सिंह और प्रो. डीके चौहान ने भी विचार व्यक्त किए। आयुष कुमार पाठक, सुधीर पासवान, डॉ. जहूर अहमद मीर, तरुण कुमार यादव को यंग सांइटिस्ट अवार्ड दिया गया। डॉ. ललित भट्ट, डॉ. सुरेश कुमार मौर्या को शोध उत्कृष्टता अवार्ड दिया गया। मो. समीर को यंग वानिकी अवार्ड दिया गया।

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