आ मां आ, तुझे दिल ने पुकार

संयम समर्पण व साधना की जीवंतता नजर आ रही है। मां भगवती के स्तुति में लोग लीन हैं।

JagranSun, 10 Oct 2021 01:04 AM (IST)
आ मां आ, तुझे दिल ने पुकार

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : संयम, समर्पण व साधना की जीवंतता नजर आ रही है मां भगवती के स्तुति पर्व नवरात्र में। व्रती नर-नारी घरों में सात्विक विचार व तन-मन की पवित्रता के साथ मइया की आराधना कर रहे हैं। फल, पुष्प, मिष्ठान अर्पित करके दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के साथ ब्राह्मणों से करवा रहे हैं। घरों में पूजन के उपरांत भक्त देवी मंदिरों में मत्था टेक रहे हैं। नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को मां के चंद्रघंटा स्वरूप का पूजन हुआ। चंद्रघंटा स्वरूपा मानी जाने वाली मां खेमा मायी के दरबार में भक्तों का जमघट रहा। व्रती महिलाओं ने 'भक्तों की सुनो पुकार मइया खेमा.., निराला है मइया का दरबार.., मइया करो कृपा..' आदि भजनों से मइया को रिझाया।

मां कल्याणीदेवी मंदिर के महामंत्री श्याम जी पाठक के नेतृत्व में सुबह मंत्रोच्चार के बीच मइया के चंद्रघंटा स्वरूप का श्रृंगार रत्नजड़ित आभूषणों, पुष्पों से किया गया। शाम को पुन: पूजन करके आरती उतारकर जनकल्याण की कामना की गई। मां के मोहक स्वरूप का दर्शन करके भक्त भावविभोर नजर आए। मां ललिता देवी मीरापुर के दरबार में दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला चला। मइया को नारियल, चुनरी व माला अर्पित करके परिक्रमा करके भक्तों ने मनोवांछित फल प्राप्ति की कामना की। वहीं, मां अलोपशंकरी मंदिर में मइया के पालने का दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त आए। मइया का दर्शन करके फूल, चुनरी, नारियल, प्रसाद अर्पित करके मनोवांछित फल प्राप्ति की कामना की। मंदिर परिसर में निशान चढ़ाने, मुंडन व नामकरण कराने के लिए दूर-दूर से भक्त आएंगे। मां कालीबाड़ी मंदिर में भी दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ जुट रही है। मइया के दरबार में मत्था टेककर भक्त स्वयं के धन्य होने की अनुभूति कर रहे हैं।

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