Allahabad Central University में हिंदी से पीएचडी का रास्ता साफ, जल्‍द शुरू होगी आगे की प्रक्रिया

इविवि की पीआरओ डॉक्‍टर जया कपूर ने बताया कि हिंदी विभाग में वर्ष 2019 के क्रेट के फेज-2 विषय में यह निर्णय लिया कि 144 अभ्यॢथयों में 19 सीट के लिए सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार प्रवेश लिए जाएंगे।

Rajneesh MishraThu, 17 Jun 2021 08:02 PM (IST)
जल्द ही सत्र 2020 का परिणाम जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

प्रयागराज,जेएनएन। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) में शैक्षणिक सत्र 2019 के हिंदी पीएचडी प्रवेश का मामला सुलझा लिया गया है। इसी के साथ सत्र 2020 में प्रवेश का रास्ता भी साफ हो गया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सत्र 2020 का परिणाम जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

शैक्षणिक सत्र 2019 में हिंदी विषय से पीएचडी के लिए कुल 90 सीटों पर प्रवेश को आवेदन मांगे थे। प्रवेश परीक्षा के बाद कुल 78 को प्रवेश मिला। बची 12 सीटों पर प्रवेश नहीं दिया गया। बाद में दूसरे चरण के तहत 19 सीटों पर आवेदन मांगे गए। इस आवेदन में कैटेगरी का निर्धारण नहीं किया गया। यह भी तय नहीं किया गया था कि 12 के एवज में 19 सीटों पर आवेदन कैसे मांगे गए। जब 19 सीटों की प्रवेश परीक्षा के बाद परिणाम घोषित किया गया तो सामान्य वर्ग के अभ्यॢथयों को वंचित कर सिर्फ ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यॢथयों का परिणाम जारी किया गया। अभ्यॢथयों ने आपत्ति जताई कि यदि यह बैकलॉग की सीटें थीं तो विज्ञापन में इसका उल्लेख क्यों नहीं किया गया। ऐसे में यह प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया।

सवाल उठे तो रोक दी प्रक्रिया

सत्र 2019 का विवाद खत्म नहीं हुआ कि सत्र 2020 में पीएचडी प्रवेश के लिए कुल 41 सीटों पर आवेदन मांग लिए गए। इसमें 18 इविवि और 23 सीटें कालेजों में हैं। इस पर तमाम सवाल उठने लगे। इसी बीच तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर आरआर तिवारी ने नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी। हालांकि, प्रवेश परीक्षा इस शर्त पर कराई गई कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही परिणाम जारी किया जाएगा। सत्र 2019 में पीएचडी प्रवेश में विवाद के निपटारे के लिए कला संकाय के डीन और लीगल सेल के इंचार्ज की सिफारिश पर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया। कमेटी की एक बार बैठक भी हुई पर नतीजा सिफर रहा। अब इविवि प्रशासन ने बैकफुट पर आते हुए निर्णय लिया है कि पिछले सत्र में लेवल वन यानी लिखित परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को लेवल टू यानी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। विभागाध्यक्ष की तरफ से जारी नोटिस के मुताबिक सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थी 15 जुलाई तक अपने आवेदन पत्र के साथ सभी शैक्षणिक अभिलेख विभाग में जमा कर दें। इसी के साथ विवाद भी खत्म हो गया और सत्र 2020 का रास्ता भी साफ हो गया।

इविवि की पीआरओ डॉक्‍टर जया कपूर ने बताया कि हिंदी विभाग में वर्ष 2019 के क्रेट के फेज-2 विषय में यह निर्णय लिया कि 144 अभ्यॢथयों में 19 सीट के लिए सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार प्रवेश लिए जाएंगे। यह निर्णय कुलपति के अनुमोदन के उपरांत विभागाध्यक्ष द्वारा सूचित किया गया है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद वर्ष 2020 के क्रेट का भी परिणाम घोषित किया जाएगा।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.