Chaitra Navratri 2021: नवरात्र की महाअष्‍टमी पर भजन-पूजन में लीन हैं भक्‍त, महागौरी स्वरूप का पूजन कर मांग रहे आशीष

चैत्र नवरात्र की महाअष्‍टमी पर देवी मंदिरों व घरों में पूजन के साथ कन्‍या पूजन भी किया जा रहा है।

Chaitra Navratri 2021 मंगलवार को अष्टमी तिथि पर मां के महागौरी स्वरूप का पूजन में भक्‍त लीन हैं। कलश स्थल पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के बाद देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया जा रहा है। कोरोना काल में नवरात्र में कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है।

Brijesh SrivastavaTue, 20 Apr 2021 09:59 AM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। मां भगवती का स्तुति पर्व चैत्र नवरात्र 2021 अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। मां दुर्गा से विदाई की बेला करीब होने से सनातन धर्मावलंबियों में थोड़ी उदासी है। बचे समय में लोग मइया को रिझाने के लिए भजन, पूजन व ध्यान लगाने में लीन हैं। मइया की कृपा प्राप्ति को हर जतन कर रहे हैं। वहीं कोरोना संक्रमण काल में नवरात्र में भक्‍त कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं।

देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया जा रहा है

मंगलवार को अष्टमी तिथि पर मां के महागौरी स्वरूप का पूजन में भक्‍त लीन हैं। कलश स्थल पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के बाद देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया जा रहा है। व्रती साधक मां के नौ स्वरूप की प्रतीक नौ कन्याओं के पांव में महावर लगाकर उनका पूजन करके फल, मिष्ठान व पकवान खिलाकर आशीर्वाद ले रही हैं। वहीं, मंदिरों में मइया के महागौरी स्वरूप का श्रृंगार व पूजन किया गया।

मां अलोपशंकर मंदिर के पालने को पुष्‍प प पत्तियों से सजाया गया

मां अलोपशंकरी मंदिर के पालने को पुष्प व पत्तियों से जाकर महागौरी स्वरूप का पूजन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच पुजारियों ने पालने की आरती उतारकर जन कल्याण की कामना की। मां कल्याणी देवी मंदिर में विधि-विधान से मइया का श्रृंगार करके आरती उतारी गई। श्यामजी पाठक के नेतृत्व में शतचंडी यज्ञ में आहुतियां डाली गईं।

मां ललिता देवी मंदिर में मां का रत्‍नजडि़त आभूषण से श्रृंगार

मां ललिता देवी मंदिर में मइया का रत्नजडि़त आभूषणों से श्रृंगार करके आरती उतारी गई। मइया से जनकल्याण के लिए कोरोना संक्रमण के जल्द खत्म होने की कामना की गई। मां खेमा मायी व मां काली बाड़ी मंदिर के पूजारियों ने भी विधि-विधान से श्रृंगार करके मइया की आरती उतारी।

भक्त कर रहे हैं हवन

नवरात्र का व्रत रखने वाले श्रद्धालु अष्टमी तिथि पर कन्या का पूजन करके हवन कर रहे हैं। भइया से भूलचूक की क्षमायाचना करते हुए हवन में आहुतियां डाल रहे हैं। वहीं, काफी संख्या में भक्त नवमी तिथि पर बुधवार को हवन करेंगे।

मनेगा श्रीराम का प्राकट्य उत्सव

नवरात्र की नवमी तिथि पर बुधवार को प्रभु श्रीराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के कारण अबकी कहीं भव्य व विशाल कार्यक्रम नहीं होगा। घर व मंदिरों में कम लोगों की मौजूदगी में प्रभु का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा।

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