ओमिक्रान से निपटने को दो अस्पतालों में आरक्षित किए गए बेड

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्त्रान के खतरे से निपटने के लिए अस्पतालों में बेड सुरक्षित किए गए हैं।

JagranFri, 03 Dec 2021 12:50 AM (IST)
ओमिक्रान से निपटने को दो अस्पतालों में आरक्षित किए गए बेड

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्त्रान के खतरे से निपटने के लिए अस्पतालों में तैयारी शुरू हो गई है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के लेवल थ्री कोविड अस्पताल समेत टीबी सप्रू चिकित्सालय यानी बेली अस्पताल में भी 20 बेड का वार्ड आरक्षित कर लिया गया है। बेली अस्पताल में आरक्षित 20 में 10 बेड और एसआरएन में 23 बेड के एक पूरे वार्ड को विदेश से आने वाले संक्त्रमित लोगों के लिए आरक्षित कर लिया गया है। यह वार्ड अगले एक या दो दिन में सक्त्रिय कर दिए जाएंगे। ओमिक्त्रान की जिस तरह से कई देशों में दहशत फैली है, भारत में भी छह संक्त्रमित मिले हैं इससे संक्त्रमण तेजी से फैलने की आशका जताई जाने लगी है। प्रदेश शासन के निर्देश पर प्रयागराज में भी अलर्ट हो गया है और स्वास्थ्य विभाग ने उपचार की व्यवस्था के लिए कमर कस ली है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नानक सरन ने कहा है कि बेली अस्पताल में 20 बेड आरक्षित कर लिए हैं। इनमें 10 बेड पीआइसीयू (पीकू) और 10 बेड उसके ऊपरी तल में आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में स्थापित आक्सीजन उत्पादन प्लाट से आक्सीजन सप्लाई चेक की जा रही है। एयरपोर्ट पर सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल शहर में ओमिक्त्रान के कोई केस नहीं हैं। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. एसपी सिंह ने कहा कि एसआरएन में 1000 बेड और इन सभी तक आक्सीजन पाइप लाइन की व्यवस्था कोरोना की दूसरी लहर के बाद ही कर ली गई थी। आइसीयू, आइसोलेशन वार्ड, उपचार के लिए आवश्यक दवाओं, वेंटिलेटर आदि के पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं। बताया कि ओमिक्त्रान के खतरे ज्यादा गंभीर नहीं हैं लेकिन बचना जरूरी भी है।

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