घर से निकलें तो रहिए सावधान, प्रयागराज में ​​​​​घनी आबादी के बीच यमदूत बनकर दौड़ रहे ट्रक और डंपर

घनी आबादी के बीच उन्हीं भारी वाहनों को आने-जाने की छूट है जिन्हें लोडिंग और अनलोडिंग करना होता है। इधर करीब दो माह से बड़ी संख्या में भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित मार्गों पर शुरू हो गया है। ये वाहन न तो यहां लोडिंग करते हैं और न अनलोडिंग।

Ankur TripathiWed, 04 Aug 2021 03:32 PM (IST)
इन वाहनों से सड़कें तो उखड़ ही रही हैं लोगों को हादसे का डर भी सता रहा है।

प्रयागराज, राजेंद्र यादव। शहर में घनी आबादी के बीच के कई मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद रात में ट्रक, डंपर और ट्रेलर धड़ल्ले से निकलते हैं। कीडगंज, कोतवाली, शाहगंज और खुल्दाबाद थाना क्षेत्रों से निकलने वाले इन वाहनों से सड़कें तो उखड़ ही रही हैं लोगों को हादसे का डर भी सता रहा है।

रात 10 बजे से ट्रक, डंपर और ट्रेलर की शुरू हो जाती है आवाजाही

शहर की घनी आबादी के बीच उन्हीं भारी वाहनों को आने-जाने की छूट है, जिन्हें लोडिंग और अनलोडिंग करना होता है। इधर करीब दो माह से बड़ी संख्या में भारी वाहनों का आवागमन शहर के प्रतिबंधित मार्गों पर शुरू हो गया है। ये वाहन न तो यहां लोडिंग करते हैं और न अनलोडिंग। बस कई जनपदों की तरफ जाने के लिए इस शार्टकट मार्ग को अपना लिया है। नए यमुना पुल से कानपुर की तरफ जाने वाले भारी वाहन बैरहना, बाई का बाग, रामबाग, साउथ मलाका, जानसेनगंज, लीडर रोड होते हुए पानी की टंकी हाईकोर्ट के पास निकल रहे हैं। जबकि रीवा रोड, मीरजापुर और वाराणसी की तरफ जाने वाले वाहन हाईकोर्ट पानी की टंकी से उक्त मार्गों से होते हुए नए यमुना पुल की तरफ जाते हैं।

यह है खतरा

-04 किलोमीटर तक बेधड़क होकर दौड़ाते हैं वाहन

-07 चौराहों पर लगती है पिकेट

-03 पुलिस चौकियां पड़ती हैं रास्ते में

-04 थाना क्षेत्र से होकर गुजरते हैं

यहां तैनात रहती है पिकेट

नए यमुना पुल, बैरहना, बाई का बाग, रामबाग, साउथ मलाका, जानसेनगंज, लीडर रोड चौराहा पर पिकेट तैनात रहती है। साथ ही बैरहना, साउथ मलाका और लीडर रोड पुलिस चौकी भी पड़ती है। पीआरबी 112 के पुलिसकर्मी भी गश्त करते रहते हैं। बावजूद इसके सैकड़ों की संख्या में रातभर ट्रक, डंपर और ट्रेलर बेतहाशा दौड़ते हैं।

बर्बाद कर डाली करोड़ों की सड़क

भारी वाहनों के आवागमन का नतीजा यह हुआ है कि नए यमुना पुल से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक सड़क दुर्दशा का शिकार हो गई है। बैरहना, बाई का बाग, रामबाग, साउथ मलाका, हीवेट रोड, जानसेनगंज, लीडर रोड पर सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। कुछ जगहों पर तो हालत ऐसी हो गई है कि थोड़ी सी चूक किसी पर भी भारी पड़ सकती है।

जानिए क्या बोले लोग

पहले भारी वाहनों का आवागमन इधर से नहीं होता था। लेकिन इधर काफी समय से भारी वाहनों का इस कदर आवागमन शुरू हुआ है कि हमेशा दुर्घटना का खतरा सताता रहता है।

सर्वजीत सिन्हा।

पहले यदा-कदा ही शहर के बीचोंबीच भारी वाहन नजर आते थे, लेकिन अब तो इतने वाहन आते-जाते हैं कि रात 10 बजे के बाद सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है।

विशाल सिंह राठौर

भारी वाहनों की वजह से जगह-जगह सड़क खराब हो गई है। बारिश का पानी उसमें भर गया है, जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है।

राकेश प्रताप सिंह

घनी आबादी के बीच से भारी वाहन सड़क पर बेतहाशा दौड़ते हैं। सड़क पर धूल उड़ती रहती है। इनकी रफ्तार को देखकर ही रूह कांप जाती है।

आलोक श्रीवास्तव।

शहर के भीतर वही भारी वाहन प्रवेश करते हैं, जिन्हें लोडिंग और अनलोडिंग करना होता है। इसके अलावा अगर भारी वाहन शहर के बीच से होकर गुजर रहे हैं तो एसपी यातायात से वार्ता कर इस पर रोक लगाई जाएगी।

दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी।

भारी वाहन अगर शहर की घनी आबादी से होकर गुजर रहे हैं तो यह गंभीर बात है। इसका पता लगाकर उचित कदम उठाया जाएगा। ये वाहन कैसे इन रास्तों पर दाखिल हो जा रहे हैं, इसका भी पता लगाया जाएगा।

अखिलेश भदौरिया, एसपी यातायात।

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