जीबी पंत संस्थान से पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांगा जवाब, जानिए आखिर क्या है वजह

गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में शिक्षकों के 23 पदों के सापेक्ष 16 पदों पर संस्थान को योग्य अभ्यर्थी ही नहीं मिले। हाल तो यह है कि ओबीसी वर्ग के सभी पद रिक्त रह गए। ऐसे में तमाम अभ्यर्थियों ने संस्थान और चयन समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Ankur TripathiThu, 09 Dec 2021 09:11 AM (IST)
ओबीसी वर्ग में एक भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने का किया है संस्थान ने दावा

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। शहर से सटे झूंसी में स्थित गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में शिक्षकों के 23 पदों के सापेक्ष 16 पदों पर संस्थान को योग्य अभ्यर्थी ही नहीं मिले। हाल तो यह है कि ओबीसी वर्ग के सभी पद रिक्त रह गए। ऐसे में तमाम अभ्यर्थियों ने संस्थान और चयन समिति पर तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से कर दी गई। अब आयोग ने मामले में संस्थान से जवाब तलब कर लिया है।

महज सात पदों पर ही की जा सकी नियुक्ति

जीबी पंत संस्थान में अस्सिटेंट प्रोफेसर के लिए सात, एसोसिएट प्रोफेसर के सात एवं प्रोफेसर के लिए नौ यानी कुल 23 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। अंतिम परिणाम में प्रोफेसर के सभी नौ पदों पर एनएफएस (एक भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने) की बात कह दी गई। एसोसिएट प्रोफेसर के सात पदों में केवल दो तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के सात पदों में केवल पांच पदों पर नियुक्ति की गई है। जबकि अन्य सभी पदों पर एनएफएस लगा दिया गया। इस लिहाज से कुल 23 पदों में ओबीसी के सभी छह पदों पर एनएफएस लगाया गया है। इस तरह कुल पदों में केवल सात पदों पर नियुक्ति हो सकी। जबकि 16 पद पर एनएफएस लगाया दिया गया। अभ्यर्थियों ने चयन समिति पर तानाशाही रवैया लगाते हुए दो तिहाई पदों पर एनएफएस लगाना अनुचित ठहराया है। साथ ही इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय एवं विश्वविद्यसलय अनुदान आयोग (यूजीसी) के उस आदेश का भी उलंघन बताया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी पद पर एनएफएस न लगाया जाए। बल्कि उच्चतम योग्य अभ्यर्थी का चयन किया जाए। अब इस प्रकरण में पिछड़ा वर्ग आयोग ने संस्थान से जवाब तलब कर लिया है।

निदेशक का है कहना

योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने पर चयन समिति ने एनएफएस लगाया है। भर्ती पारदर्शी तरीके से की गई है। आयोग को जल्द जवाब भेज दिया जाएगा। इसके अलावा बैकलाग (रिक्त पदों) पर स्पेशल ड्राइव मिशन मोड में विज्ञापन जारी कर फिर से आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद नियुक्ति की जाएगी।

- प्रोफेसर बद्री नारायण तिवारी, निदेशक, जीबी पंत संस्थान।

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