कृषि उत्पादों को विदेशी बाजार में निर्यात करने में अपेडा करेगा सहयोग, बोले चेयरमैन डा एम अंगामुथु

चेयरमैन डा. अंगामुथु ने कहा कि भारतीय एग्रीकलचरल प्रोडक्ट्स को विदेशी मार्केट में एक्सपोर्ट करने और किसानों को लाभान्वित करने में शुआट्स महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि शुआट्स ने गुणवत्तापरक बीज उत्पादन न्यूट्री फार्म पॉल्ट्री डेयरी प्रोसेसिंग आदि क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीक विकसित की है

Ankur TripathiTue, 28 Sep 2021 08:07 AM (IST)
कृषि उत्पाद को विदेशी मार्केट में अवश्य बढ़ावा दिया जायेगा।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता।  एग्रीकल्चर एंड प्रसेसेस्ट फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (अपेडा), मिनिस्ट्री आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज, भारत सरकार के चेयरमैन डा. एम. अंगामुथु और उनकी टीम ने सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) का भ्रमण किया । इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रोसेसिंग लैब, तकनीकियों, शोध उपलब्धियों, प्रसार कार्यक्रमों के बारे में जानकारी ली।

किसानों को लाभान्वित करने में शुआट्स महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा

चेयरमैन डा. अंगामुथु ने कहा कि भारतीय एग्रीकलचरल प्रोडक्ट्स को विदेशी मार्केट में एक्सपोर्ट करने और किसानों को लाभान्वित करने में शुआट्स महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि शुआट्स ने गुणवत्तापरक बीज उत्पादन, न्यूट्री फार्म, पॉल्ट्री, डेयरी, प्रोसेसिंग आदि क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीक विकसित की है, जिसके सहयोग से कृषि उत्पाद को विदेशी मार्केट में अवश्य बढ़ावा दिया जायेगा। कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिये उनके उत्पाद की सही प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग की नितांत आवश्यकता है। अपेडा, 190 देशो में एक्सपोर्ट का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपेडा द्वारा शुआट्स को कैपेसिटी बिल्डिंग में सपोर्ट किया जायेगा, जिसके उपरांत उत्पाद का चिन्हीकरण एवं तकनीकी कार्य शुआट्स द्वारा किया, जायेगा जिससे गुणवत्तापरक उत्पाद तैयार करके विदेशी माकेर्ट में उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने पूर्वांचल को सबसे बड़ा एग्रीकल्चर बेल्ट बताते हुए अपेडा द्वारा प्रायोजित एग्रीकल्चर स्टार्ट अप और एग्रीकलचर इनटरप्रेनर को बढ़ावा देने में भी शुआट्स के साथ कोआपरेशन की बात कही।

एक्सपोर्ट करने में अपेडा की मुख्य भूमिका

अपेडा के डा. तरूण बजाज ने कहा कि गुणवत्तापरक उत्पाद तैयार करने के उपरान्त उसे एक्सपोर्ट करने में अपेडा की मुख्य भूमिका रहती है। रोग मुक्त किस्मों के उत्पादन की अंतराष्ट्री मार्केट में बहुत ज्यादा मांग है। अपेडा के डा. सुधांशु ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अमरूद, आंवला, आम की अत्यन्त पैदावार है, जिसके मूल वर्धित उत्पादों के लिये विश्वविद्यालय को प्रोसेसिंग वेराईटी विकसित करने की आवश्यकता है। इसे तकनीकी, बेहतर पैकेजिंग एवं प्रबंधन से किया जा सकता है। प्रति कुलपति (एए एंड क्यूए) प्रो. एकेए लॉरेंस ने संचालन किया एवं अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में डा. जीसी सिंह, संजय सिंह, निदेशक आईपीसी प्रो. जोनाथन ए. लाल, निदेशक प्रसार प्रो. आरिफ ए ब्राडवे, संयुक्त कुलसचिव डा. सी जॉन वेसली सहित डीन एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे। 

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