Anti Tobacco Campaign: जीवन को तंबाकू से खत्म न करें, चौंकाने वाले आंकड़ों पर डालें नजर

Anti Tobacco Campaign तंबाकू का प्रयोग करने वालों में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह चिंताजनक है। हम सभी को संगठित होकर यह सोचना होगा कि जीवन जीने के लिए है देश व अपनों की सेवा के लिए है इसे कैंसर के हाथों न सौपें।

Brijesh SrivastavaTue, 07 Dec 2021 12:03 PM (IST)
कैंसर से मरने वाले 100 लोगों में 40 की मौत तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों से होती है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। भारत में कैंसर से मरने वाले 100 लोगों में 40 तंबाकू के प्रयोग से होने वाली बीमारियों के कारण मरते हैं। इसके इलाज में कम से कम 10 से 15 लाख रुपये का खर्च आता है। कई मामलों में तंबाकू के सेवन से हुए कैंसर के लक्षण शुरुआती समय में मरीज समझ नहीं पाता व स्क्रीनिंग में देरी होती हैं जिससे मौत के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। इसके साथ ही इसके इलाज में असहनीय पीड़ा से मरीज गुजरता है। मरीज के परिजन को भी आर्थिक, मानसिक तौर पर बहुत संघर्ष से गुजरना पड़ता है। इसलिए तंबाकू का प्रयोग न करें न ही करने दें।

तंबाकू नियंत्रण के लिए प्रयागराज में गोष्‍ठी आयाेजित

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हुए संगोष्ठी का आयोजन प्रयागराज में हुआ। इसमें वक्‍ताओं ने कहा कि इंसानी जीवन बड़े सौभाग्य से मिला है, अपनी पूरी उम्र जियें और खुशहाल जीवन बनाएं, न कि तंबाकू खाकर असमय मौत को बुलाएं। तंबाकू के सेवन से कैंसर होता है। संगोष्‍ठी प्रयागराज के दो स्कूलों में हुई। कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल अधिकारी गैर संचारी रोग (एनसीडी) डाक्‍टर वीके मिश्र ने किया।

नुक्‍कड़ नाटक के माध्‍यम से छात्रों ने तंबाकू के नुकसान बताए

क्रास्थवेट गर्ल्स इंटर कालेज व रामरती पाल पीजी कालेज के सभागार में कार्यक्रम हुए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों ने तंबाकू के प्रयोग से होने वाले आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक, मानसिक नुकसान व प्रभाव के बारे में जाना व जागरूक हुए। इसके साथ ही चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। छात्रों को उनकी कृति के लिए प्रमाणपत्र देकर डाक्‍टर वीके मिश्र ने सम्मानित किया।

चिंताजनक है युवाओं में तंबाकू का प्रयोग : डाक्‍टर वीके मिश्र

डाक्‍टर वीके मिश्र ने बताया कि स्कूल कालेज के माध्यम से हम हर दिन युवाओं से जुड़ रहे हैं। उनसे तंबाकू छोड़ने की अपील कर रहे हैं। हमें अपनी बात उन लोगों तक पहुंचानी है जो तंबाकू से होने वाले खतरों को समझना नहीं चाहते। तंबाकू का प्रयोग करने वालों में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह चिंताजनक है। हम सभी को संगठित होकर यह सोचना होगा कि जीवन जीने के लिए है, देश व अपनों की सेवा के लिए है, इसे कैंसर के हाथों न सौपें।

तंबाकू मुक्त जीवन का लिया संकल्प

कार्यक्रम में सोशल वर्कर सुमनलता त्रिपाठी ने छात्रों को अपने जीवन में कभी तम्बाकू का सेवन न करने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही छात्रों ने यह संकल्प लिया कि वह समाज के अन्य लोगों को भी तम्बाकू सेवन के दुष्परिणाम के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशन में वर्ष 2015 से अब तक लगातार स्कूल, कालेज में तम्बाकू नियंत्रण के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष 70 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम कराने का उद्देश्य रहता है। इस बार कोरोना के कारण हम इस वर्ष केवल 29 वें कार्यक्रम का आयोजन अभी तक कर सके हैं । हमारा उद्देश्य युवाओं को तम्बाकू के दुष्‍परिणामों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम का संचालन रामा श्रृजन जन कल्याण संस्थान के सचिव ओम प्रकाश मिश्र ने किया ।

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