इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अराजकता का बोलबाला

जासं, इलाहाबाद : इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 25 सितंबर से प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव को लेकर कैंपस में चहल पहल तो छात्रावासों में अराजकता बढ़ गई है। अराजकता रोकने में इविवि प्रशासन अक्षम हो गया है। कई छात्रावासों में अराजक तत्वों ने अपना डेरा जमा लिया है। वह छात्रसंघ चुनाव को प्रभावित करने में अपनी शक्ति झोंक रहे हैं। कैंपस, आसपास व शहर के प्रमुख चौराहों पर छात्रनेताओं की बड़ी बड़ी होर्डिग, बैनर व पोस्टर लगे हुए हैं। इसको हटाने को लेकर कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है।

इसको लेकर चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर छात्रावासों में अराजकता खत्म करने व ऐसे तत्वों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात करने व छात्रसंघ चुनाव में सक्रिय रूप से सहयोग करने को कहा है। पत्र में प्रो. राम सेवक दुबे ने कहा है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर अराजकता बढ़ती जा रही है। छात्रावासों में कभी भी आपराधिक घटनाएं हो सकती हैं। अराजकतत्वों के बल पर छात्रनेता कैंपस को अशांत करने में लगे हुए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय व छात्रसंघ चुनाव में किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा है।

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आचार संहिता उल्लंघन में चार छात्रनेताओं को नोटिस

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार छात्रनेताओं को आचार संहिता के उल्लंघन में नोटिस जारी किया है। इनपर कैंपस में जुलूस निकालने, अशांति फैलाने और बैनर-होर्डिग लगाने का अरोप है। चारों छात्रनेताओं को चेतावनी दी गई है कि उनका निलंबन, निष्कासन भी हो सकता है। बीए तृतीय वर्ष के छात्र अखिलेश यादव, विधि विभाग के छात्र विकास कुमार कोल, एलएलएम के छात्र सूरज कुमार हरिजन व एमए ¨हदी के छात्र आदर्श कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ परिसर में जुलूस निकाला, नारेबाजी की और विज्ञान, कला, वाणिज्य व विधि संकाय को अशांत किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 31 अगस्त को ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार केवल तीन और चार अक्टूबर को चुनाव प्रचार की अनुमति है वह भी लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप। इस कृत्य से चुनाव विनियम 2012 व छात्र अनुशासन संहिता का उल्लंघन किया गया है। कुलानुशासक द्वारा उदय के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। चुनाव अधिकारी प्रो. आरके उपाध्याय को जुलूस की वीडियोफुटेज सहित कार्रवाई को भेज दिया गया है।

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कुलपति पर लगे आरोपों की जांच को राष्ट्रपति को लिखा पत्र

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के ऊपर एक महिला से अश्लील बातचीत का स्क्रीन शॉट वायरल होने के मामले की जांच की मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव ने राष्ट्रपति राम नाईक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। अवनीश का कहना है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। कुलपति के गरिमामयी पद पर रहते हुए किसी महिला से अश्लील चैटिंग कितन सही है। यह विश्वविद्यालय की शाख को बट्टा लगाने जैसा है। अध्यक्ष का कहना है कि जबतक इस मामले की जांच हो तब तक कुलपति को अवकाश पर भेज दिया जाए।

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पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज होने से परेशान छात्र-छात्राएं

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर फीड (दर्ज) होने से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले बहुत से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। मंगलवार को इविवि के कई छात्र-छात्राएं इस समस्या के समाधान के लिए जिला समाज कल्याण विभाग भी पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा। मोनिका का कहना था कि राज्य विश्वविद्यालय में उनका दाखिला बी-एड में हुआ है। इसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना है, लेकिन जब उन्होंने ऑनलाइन आवेदन करना चाहा तो बीए फाइनल का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज होने के कारण आवेदन करने में बाधा आ रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि यह दिक्कत उन्हीं लाभार्थियों को हो रही है, जिनका कोर्स पूरा हुए बगैर आवेदन किया जा रहा है। कोर्स पूरा करने वालों के साथ यह समस्या नहीं है।

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सीएमपी में छठें दिन भी क्रमिक अनशन जारी

चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का अनशन छठें दिन भी जारी है। छात्र महिला शौचालय का निर्माण व पुरुष शौचालय की मरम्मत करने, वाचनालय में उचित व्यवस्था करने, साइकिल स्टैंड राशि में कमी करने, पेयजल की व्यवस्था करने, बंद पड़े छात्रावास को छात्रों को आवंटित करने जैसी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन पर हैं। क्रमिक अनशन में अजीत कुमार उपाध्याय, मयंक मिश्रा, मो. अब्दुल, रत्‍‌नाकर भारतीय, आनंद राघवानि, अमित, अंकित व हयाते काविश आदि शामिल हैं।

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