Allahabad High Court : मुकदमों की शारीरिक सुनवाई के लिए वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन

हाई कोर्ट गेट नंबर तीन के सामने धरने पर बैठकर वकीलों ने मुकदमों की शारीरिक सुनवाई कराने की मांग की। कहा कि काफी दिनों से मुकदमों का मैनुअल दाखिला और शारीरिक रूप से सुनवाई की मांग हो रही है। मुख्य न्यायाधीश और महानिबंधक को ज्ञापन भी दिया गया है

Ankur TripathiMon, 21 Jun 2021 10:05 PM (IST)
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक शुक्ल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।

प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील मुकदमों की वर्चुअल सुनवाई से असंतुष्ट हैं। इसके विरोध में सोमवार को हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक शुक्ल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।

हाई कोर्ट के गेट नंबर तीन के सामने दिया धरना

हाई कोर्ट गेट नंबर तीन के सामने धरने पर बैठकर वकीलों ने मुकदमों की शारीरिक सुनवाई कराने की मांग की। कहा कि काफी दिनों से मुकदमों का मैनुअल दाखिला और शारीरिक रूप से सुनवाई की मांग की जा रही है। मुख्य न्यायाधीश और महानिबंधक को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया गया है। लेकिन, ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुकदमों की सुनवाई को लेकर भी जल्द निर्णय लिया जाए, क्योंकि वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बहस करने में तमाम तरह की समस्याएं आ रही हैं। लिंक नहीं मिलने, नेटवर्क की खराबी के कारण वकील मुकदमे में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। प्रदर्शन में अनुराधा सुंदरम, संतोष कुमार मिश्र, सुभाष यादव, अनुज कुमार सिंह, अंजनी कुमार मिश्र, पवन यादव, रूपेश सिंह, रामबली व श्रद्धा शुक्ला आदि शामिल रहे।

 हाई कोर्ट ने तलब की जानलेवा हमले में विवेचना की स्थिति

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के हंडिया तहसील अंतर्गत सरायममरेज थाना पुलिस से 18 अक्टूबर, 2020 को याची पर हुए जानलेवा हमले की विवेचना की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी है। याची का आरोप है कि पुलिस विवेचना के नाम पर कुछ नहीं कर रही है। मामले में अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूॢत प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने खेमराज की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता आरएन यादव का कहना है कि याची बाजार से घर आ रहा था। उसी दौरान कुछ लोगों ने फरसे से हमला कर दिया। इससे वह घायल होकर बेहोश हो गया। पैर भी टूट गया। गांव के लोग दौड़कर मौके पर आए तो हमला करने वाले धमकी देते हुए भाग गए। याची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। स्वास्थ में सुधार होने पर 20 अक्टूबर, 2020 को एफआइआर दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

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