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इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्देश- कालाबाजारी में जब्त दवाओं व ऑक्सीजन सिलिंडर के उपयोग पर तत्काल निर्णय लें सभी डीएम

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि कालाबाजारी में जब्त दवाओं की बर्बादी न हो।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कालाबाजारी के आरोप में जब्त कर मालखाने में रखी जीवन रक्षक दवाओं रेमडेसिविर इंजेक्शन ऑक्सीजन सिलिंडर ऑक्सीमीटर को उपयोग में लाने पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

Umesh TiwariSat, 08 May 2021 01:12 AM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कालाबाजारी के आरोप में जब्त कर मालखाने में रखी जीवन रक्षक दवाओं, रेमडेसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीमीटर को उपयोग में लाने पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया है। पुलिस को एक हफ्ते के भीतर डीएम से संपर्क कर जब्त दवाओं के इस्तेमाल पर आदेश प्राप्त करने को कहा है। डीएम को पुलिस की अर्जी पर तीन दिन में धारा 457 के तहत आदेश जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।

जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने राज्य व केंद्र सरकार से कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन में देरी नहीं हो, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के बजाय सरकार ग्लोबल मार्केट में सीधे बात कर वैक्सीनेशन अभियान जल्द पूरा करे। ताकि हर व्यक्ति को सुरक्षित किया जा सके। कोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्र एवं कस्बे में पेंडेमिक के खिलाफ सरकार की अगली तिथि पर कार्य योजना पेश करने का निर्देश दिया। याचिका की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।

कोरोना कर्फ्यू से संक्रमितों में कमी लाने के प्रयास की सराहना : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा कोरोना कर्फ्यू से संक्रमितों में कमी लाने के प्रयास को भी सराहा और कहा कि अभी तीसरी वेब का खतरा है ढिलाई न बरती जाए। पंचायत चुनाव मतगणना के दौरान कोरोना गाइडलाइंस के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी है। चुनाव आयोग को इसके लिए समय दिया गया है।

लखनऊ के डीएम की सराहना और मेरठ के डीएम को फटकार : याचिका की सुनवाई के दौरान ऑनलाइन पेश हुए लखनऊ के जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं थी। सन हास्पिटल ने दुर्भावना से माहौल को पैनिक किया। दूसरे समर्थ हास्पिटल को कोरोना मरीज भर्ती करने का अधिकार नहीं है। दोनों पर कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट ने डीएम की सराहना की और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर मेरठ के डीएम को फटकार लगाई। वह जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता तक नहीं बता पाए। कोर्ट ने कहा डीएम ने कोई जांच ही नहीं की। 11 मई को जांच रिपोर्ट के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया।

ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादन शुरू, मांग और आपूर्ति में काफी सुधार  : अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादन शुरू हो गया है। मांग और आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है। सीएमओ व डीएम के रेफरल लेटर की व्यवस्था हटा ली गई है। भारत सरकार की तरफ से एएसजीआइ ने बताया कि ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति के गैप को काफी कम किया गया है। व्यवस्था में निरंतर सुधार जारी है।

चुनाव आयोग ने पेश की पंचायत चुनाव की रिपोर्ट : चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव की मतगणना फुटेज पेन ड्राइव में पेश किया और कहा कि अभी नोडल अधिकारियों की पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। 28 जिलों में पंचायत चुनाव चुनाव ड्यूटी पर 77 लोगों की मौत की सूचना मिली है। राज्य सरकार ने मृतक परिवार को 30 लाख मुआवजे के भुगतान की घोषणा की है।

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