विद्या भारती के सभी स्‍कूलों में पठन-पाठन होंगे अत्‍याधुनिक, फीडबैक लेने निकलेंगे आचार्य

विद्या भारती के सभी स्कूलों में बसंत पंचमी के दिन विद्यारंभ संस्कार अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इस दिन सरस्वती पूजन के साथ बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत होगी। यह आयोजन विद्यार्थियों को संस्कृति और संस्कार से जोडऩे में सहायक होगा।

Brijesh SrivastavaMon, 06 Dec 2021 09:16 AM (IST)
विद्या भारती के स्‍कूलाें में बच्‍चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए आचार्यों का प्रशिक्षण होगा।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। विद्या भारती के सभी स्कूलों में पठन-पाठन को अत्याधुनिक बनाने के साथ संस्कारों से और गहराई से जोडऩे के लिए मंथन किया जा रहा है। ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज सिविल लाइंस में जुटे काशी प्रांत जन शिक्षा एवं नगरीय शिक्षा के जिला केंद्र प्रमुख, संकुल प्रमुख, संभाग निरीक्षक व अन्य अधिकारियों ने तय किया कि सभी विद्यालयों के शिक्षकों को समय समय पर विषयवार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ज्वाला देवी इंटर कालेज में प्रांत स्तरीय शिविर भी लगेगा। विद्यालय स्तर पर विषय विशेषज्ञों को बुलाकर सेमिनार व गोष्ठियों को कराने पर भी सहमति बनी।

कोरोना के संक्रमण से बचाव संबंधी उपाय पर विमर्श

कोरोना को देखते हुए स्कूलों में संक्रमण से बचाव संबंधी उपाय और बेहतर करने की भी बात कही गई। यदि विद्यालय में संसाधनों की कमी है तो उसे दूर करने के लिए भी प्रयास तेज किए जाएंगे। समाज के सक्षम लोगों की भी इसमें मदद ली जाएगी।

विद्यालयों में छात्रों की संख्‍या बढ़ाने पर जोर

भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश के मंत्री डा. रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त प्रयास करना होगा। प्रत्येक शिक्षक जनसंपर्क के लिए निकलें। अभिभावकों से जरूर मिलें। वह बच्चों की पढ़ाई से संतुष्ट हैं या नहीं फीडबैक के आधार पर जरूरी सुधार भी करें। बैठक तीन सत्र में हुई। प्रथम सत्र में काशी प्रांत संगठन मंत्री डा. राम मनोहर, द्वितीय सत्र में प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने अग्रणी भूमिका निभाई। तीसरे सत्र में डा. रघुराज प्रताप सिंह ने आगामी योजनाओं का विवरण रखा। इस मौके पर काशी प्रांत के 30 प्रधानाचार्यों ने भी हिस्सा लिया।

प्रत्येक विद्यार्थी का होगा विद्यारंभ संस्कार

विद्या भारती के सभी स्कूलों में बसंत पंचमी के दिन विद्यारंभ संस्कार अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इस दिन सरस्वती पूजन के साथ बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत होगी। यह आयोजन विद्यार्थियों को संस्कृति और संस्कार से जोडऩे में सहायक होगा। इस तरह की अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। अमृत महोत्सव के तहत अब तक हुए आयोजनों का विवरण भी रखा गया।

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