रक्तदान के साथ ही अब नेत्र और देहदान भी, पुलिस मित्र समूह के लिए आइजी प्रयागराज की पहल

बड़ी संख्या में लोगों ने नेत्र और देहदान अभियान का समर्थन किया है।

आइजी केपी सिंह ने रविवार शाम अपने आधिकारिक ट्ववीटर हैंडल से ट्वीट किया कि यूपी पुलिस मित्र समूह अब रक्तदान के साथ नेत्रदान और देह दान की मुहिम शुरू करना चाहता है। उन्होंने इस अभियान के लिए लोगों के सुझाव की अपेक्षा की। उनकी पहल को समर्थन मिल रहा है।

Ankur TripathiMon, 17 May 2021 03:31 PM (IST)

 प्रयागराज, अंकुर त्रिपाठी। रक्तदान यानी महादान। रक्तदान के लिए सार्थक प्रयास करने की वजह से देश भर में विख्यात पुलिस मित्र समूह अब नेत्र दान और देह दान की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। आइजी प्रयागराज केपी सिंह ने खुद इस अभियान के लिए पहल करते हुए ट्ववीट कर सुझाव मांगे हैं। पुलिस मित्र के लिए आइजी की इस मुहिम को अच्छा रेस्पांस भी मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने नेत्र और देहदान अभियान का समर्थन किया है। 

रक्तदान से देश भर में बनी पहचान तो समाजसेवा में आगे बढ़े कदम

पुलिस की छवि के लिहाज से खाकी वर्दी वालों द्वारा दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान करना कुछ समय पहले तक अचरज की बात थी लेकिन तकरीबन साढ़े तीन साल पहले आइजी प्रयागराज कार्यालय में तैनात सिपाही आशीष मिश्रा ने पुलिस मित्र समूह बनाकर यह साबित किया कि पुलिसवालों में इंसानियत है और लोगों की सुरक्षा के लिए रात-दिन मेहनत ही नहीं जीवन बचाने के लिए अपना रक्त भी दान कर सकेत हैं। ट्ववीटर, वाट्सएप, फेसबुक और वेबसाइट के जरिए देश भर के लोगों के बीच पहुंच चुके पुलिस मित्र समूह के आह्वान पर जरूरतमंद लोगों की जीवन रक्षा के लिए अक्सर सिपाही से लेकर अधिकारी तक रक्तदान करते हैं। कई बार अपना रक्त दे चुके आइजी रेंज केपी सिंह ने अब समाज सेवा की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। 

 

बच्ची ने लिखा, मैं भी जरूर करूंगी आंखें और शरीर दान

आइजी केपी सिंह ने रविवार शाम अपने आधिकारिक ट्ववीटर हैंडल से ट्वीट किया कि यूपी पुलिस मित्र समूह अब रक्तदान के साथ नेत्रदान और देह दान की मुहिम शुरू करना चाहता है। उन्होंने इस अभियान के लिए लोगों के सुझाव की अपेक्षा की।  उनकी इस पहल को समर्थन मिल रहा है। सुधांशु द्विवेदी ने लिखा कि सर मैं देश का जवान हूं और हर तरीके से अपने शरीर का दान करना चाहता हूं। माही ने रिप्लाई किया कि जब मैं भी 18 साल की हो जाऊंगी तो मैं भी अपने पापा और मां के साथ रक्तदान करूंगी तथा नेत्रदान और देहदान भी करूंगी सर। आप देश के पहले पुलिस अधिकारी हैं जो पुलिस में रहकर इस मुहिम की शुरूआत कर रहे हैं। पुलिस मित्र समूह को स्थापित करने वाले सिपाही आशीष ने लिखा कि अब रक्तदान के साथ नेत्रदान और देहदान भी। एक ट्वीटर यूजर जीतेंद्र सिंह ने रिप्लाई किया कि मैंने तो पत्नी सहित मुत्युपरांत देहदान की शपथ पहले ही ले रखी है। आपकी इस मुहिम में सहयोग के लिए सबसे आगे हूं। रक्तवीर दिदीश ने भी पहल की सराहना की। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.