ADG Zone ने प्रयागराज में मऊआइमा थाने के इंस्पेक्टर, एसआइ और सिपाहियों को निलंबित किया, लापरवाही पर कार्रवाई

ADG Zone ने प्रयागराज में मऊआइमा थाने के इंस्पेक्टर, एसआइ और सिपाहियों को निलंबित किया, लापरवाही पर कार्रवाई
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 10:28 PM (IST) Author: Brijesh Srivastava

प्रयागराज, जेएनएन। लापरवाही बरतने की सजा मऊआइमा थाने के इंस्‍पेक्‍टर संतोष दुबे और दारोगाओं समेत छह पुलिस कर्मियों को भुगतनी पड़ी। एडीजी जोन प्रेम प्रकाश ने उन सभी को निलंबित कर दिया है। प्रतापगढ़ जाते समय एडीजी जोन अचानक मऊआइमा थाने पहुंचे थे। वहां ड्यूटी पर तैनात कई दारोगा और सिपाही टीशर्ट में घूम रहे थे और मास्क भी नहीं लगाए थे। इतना ही नहीं खुद इंस्पेक्टर बिना मास्क के थे और फरियादियों की भीड़ लगी थी।

प्रतापगढ जाते समय मऊआइमा थाने पहुंच गए एडीजी जोन

एडीजी जोन प्रेम प्रकाश प्रतापगढ़ के दौरे पर निकले थे। प्रतापगढ़ की सीमा में दाखिल होने के पहले अचानक वह मऊआइमा थाने पहुंच गए। यहां कई दारोगा और सिपाही टीशर्ट और कमीज पहनकर थाने में बैठे थे या वहीं टहल रहे थे। कोई भी कोरोना संक्रमण को लेकर जारी गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहा था। इंस्पेक्टर संतोष कुमार दुबे बिना मास्क के अपने कार्यालय में बैठे थे।

एडीजी को थाने पर देख फरियादी दौड़े

जिस समय एडीजी प्रेम प्रकाश मऊआइमा थाने पहुंचे, कई फरियादी वहां मौजूद थे। पूछने पर फरियादियों ने एडीजी को दुखड़ा सुनाना शुरू किया। बोले कि कई दिनों से दौड़ रहे हैं और पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। थाने में पांच ऐसे लोगों को दो दिन से बैठाया गया था, जिस पर किसी प्रकार का जुर्म साबित नहीं हुआ था। इंस्पेक्टर संतोष कुमार दुबे से इस अव्यवस्था के बारे में पूछा गया तो वह भी खामोश रहे। एडीजी जोन ने तत्काल इंस्पेक्टर संतोष कुमार दुबे, दारोगा गोविंद राम, राधेश्याम, हेड मुर्हिरर विनोद कुमार यादव, सिपाही धर्मेंद्र कुमार, उपासना पांडेय, सुनीता तिवारी को निलंबित करने का फरमान सुना दिया। साथ ही होमगार्ड गिरधारी लाल और सालिक राम को ड्यूटी से वापस कर दिया गया।

चेक पोस्‍ट से गायब थे पुलिसकर्मी

एडीजी जोन प्रेम प्रकाश का कहना है कि मऊआइमा थाने में कोरोना संक्रमण को लेकर जो गाइडलाइन जारी की गई है, उसका पालन नहीं किया जा रहा था। इंस्पेक्टर खुद जब बिना मास्क को हो तो थाने में क्या व्यवस्था होगी, इसे समझा जा सकता है। फरियादियों की भी सुनवाई नहीं हो रही थी। चेक पोस्ट तैनात किए गए पुलिस कर्मी गायब थे।

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