इंसान को मारकर पीता था वह खोपड़ी का सूप, Prayagraj के आदमखोर राजा कोलंदर की क्रूरता पर बन रही है वेब सीरीज

अदालत में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन की खामी से फांसी नहीं हो सकी।

राम निरंजन आर्डिनेंस फैक्ट्री में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। उसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रही हैैं। घर के बगल फार्महाउस भी बनवाया था। वर्ष 2000 में तब राजा कोलंदर देश में सुर्खियों में आ गया जब पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पड़ताल कर पुलिस उस तक पहुंची।

Ankur TripathiTue, 02 Mar 2021 07:00 AM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। आदमखोर हैवान राजा कोलंदर उर्फ राम निरंजन। यह नाम आज भी लोगों को सहमा देता है। प्रयागराज में दो दशक पहले 14 लोगों की बेरहमी से हत्या के बाद खोपड़ी को उबालकर सूप पीने  वाले इस आदमखोर पर इन दिनों वेब सीरीज बन रही है। वह कत्ल में सहयोगी रहे अपने साले बछराज के साथ उन्नाव जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उसके साले को छोड़ने के लिए पिछले दिनों उन्नाव के जेलर ने शंकरगढ़ थाना प्रभारी से आख्या मांगी थी। थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद बवाल की आशंका जताते हुए नकारात्मक राय दी है।

सीओडी में कर्मचारी था बेरहम कातिल
शंकरगढ़ थानांतर्गत हिनौती का मूल निवासी राम निरंजन नैनी में छिवकी स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। रामसगरा गांव में मकान बनवाया था। उसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रही हैैं। घर के बगल ही उसने फार्महाउस भी बनवाया था। वर्ष 2000 में तब राजा कोलंदर देश भर में सुर्खी बन गया जब पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पड़ताल करते हुए पुलिस उस तक पहुंची। जुर्म कबूल करते हुए अपने साले बछराज निवासी बसहरा शंकरगढ़ को भी गुनहगार बताया। राजफाश हुआ कि उन दोनों ने एक दो नहीं बल्कि 14 कत्ल किए थे। वर्ष 2012 में 30 नवंबर को न्यायाधीश महताब अहमद ने खुली अदालत में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन की खामी से फांसी नहीं हो सकी। वैसे कोर्ट ने मामला रेयरेस्ट ऑफ दि रेयर केस माना गया। दोनों पहले नैनी जेल में बंद थे। फिर लखनऊ से उन्नाव जिला जेल भेज दिए गए।

नेटफ्लिक्स बना रही वेबसीरीज  
नेटफ्लिक्स की तरफ से बनाई जा रही वेबसीरीज की शूटिंग के दौरान ही हाल में उन्नाव के जेलर ने शंकरगढ़ थाना प्रभारी को पत्र भेजा। इसमें कहा गया था कि बछराज का चालचलन ठीक है। पूछा गया था कि यदि उसे छोड़ा जाए तो किसी प्रकार की कोई बात तो नहीं होगी ? इसके बाद थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय बसहरा गांव पहुंचे। पत्रकार स्व. धीरेंद्र सिंह के बड़े भाई वीरेंद्र सिंह व अन्य ग्रामीणों का बयान लिया और अपनी रिपोर्ट जेलर को भेजी। कहा कि बछराज को छोड़े जाने से गांव में ही नहीं क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। बलवा हो सकता है, लिहाजा उसे न छोड़ा जाए।

फर्म हाउस से बरामद हुए थे 14 नरमुंड
राजा कोलंदर के फार्म हाउस में तत्कालीन कीडगंज एसओ श्रीनारायण त्रिपाठी ने खोदाई करवाई थी। वहां 14 नरमुंड मिले थे। वह जिनकी हत्या करता था उनके नरमुंडों को काटकर अपने पास रख लेता था। शव का अन्य हिस्सा फार्महाउस में सुअरों के सामने फेंक देता था। दिमाग को बाहर निकाल उबालता था और उसका सूप बनाकर पीता था। उसकी सोच यह थी कि इससे दिमागी ताकत बढ़ती थी।

चार मार्च की शूटिंग में फंसा पेच
इधर वेब सीरीज को लेकर पेच फंस गया है। पत्रकार स्व. धीरेंद्र सिंह के बड़े भाई वीरेंद्र सिंह और परिवार के अन्य लोगों का कहना है कि जब तक धीरेंद्र के बेटों के नाम खेत में बोरिंग नहीं कराई जाएगी, वह शूटिंग नहीं होने देंगे। उन्नाव जेल में इस वेब सीरीज के लिए शूटिंग हो चुकी है। कुछ पत्रकारों का साक्षात्कार भी लिया गया है। चार मार्च को धीरेंद्र सिंह के घर पर शूटिंग का शेड्यूल था। धीरेंद्र के परिवार के प्रस्ताव पर शूटिंग करने वालों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।  

पत्रकार की पत्नी की हो चुकी है मौत
पत्रकार स्व. धीरेंद्र सिंह की हत्या के करीब छह माह बाद ही उनकी पत्नी मीना ङ्क्षसह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बड़े भाई वीरेंद्र ने ही उनके तीन बच्चों संदीप, नेहा और राहुल की देखभाल की। नेहा की शादी हो चुकी है। संदीप चार पहिया वाहन चलवाते हैं जबकि राहुल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।

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