अलीगढ़ के शाहगढ़ में युवक को मारी गोली, हालत गंभीर

अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव शाहगढ़ में एक युवक के रंजिशन गोली मार दी घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को घायल अवस्था में उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा है। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

Sandeep Kumar SaxenaThu, 23 Sep 2021 04:31 PM (IST)
अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव शाहगढ़ में एक युवक के रंजिशन गोली मार दी।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव शाहगढ़ में  एक युवक  के रंजिशन गोली मार दी, घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को घायल अवस्था में उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा है। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह है मामला

पुलिस के अनुसार गांव शाहगढ निवासी कमलेश पुत्र राजवीर सिंह व जितेन्द्र पुत्र मुर्लीसिंह एक ही परिवार से है।दोनों गांव के निकट एक ईंट भट्टटे पर नौकरी करते है। बीते दिनों दोनों में मामूली झगड़ा हो गया था। बाद में परिवार के लोगों ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था।इसके कुछ दिन बाद कमलेश की भट्टे से नौकरी छूट गई, और इसने आग में घी का काम किया।बुधवार की रात समय करीब 9.00 बजे गांव में जितेन्द्र के गोली मारदी।गोली उसके कंधे में लगी है। गांव में गोली चलने की सूचना पर कौड़ियागंज पुलिस चौकी  प्रभारी शिवनंदनसिंह आनंद फोर्स के साथ गांव पहुंच गये और घायल जितेन्द्र को सीएचसी अकराबाद भेजा। जहां से डाक्टरों ने उसे  जेएन मैडिकल कालेज अलीगढ़ रैफर कर दिया। घायल जितेन्द्र का मैडिकल की इमरजेंसी में इलाज चल रहा है।पुलिस के अनुसार घटना की अभी तहरीर नहीं मिली है।

यूनिक नंबर की मदद से लोगों को मिल रहा खोया सामान, जानिये कैसे

अलीगढ़ : पुलिस की ओर से आटो-टेंपो पर डाले गए चार अंकों के यूनिक नंबर का असर दिखने लगा है। इसकी मदद से पुलिस अब तक सात लोगों के खोए हुए सामान को ट्रेस करके वापस भी का चुकी है। इसे लेकर लोगों ने पुलिस का धन्यवाद किया है।

अब तक शहर में धड़ल्ले से आटो-टेंपो घूम रहे थे। न तो इनके रूट निर्धारित थे और न ही इनकी कोई पहचान कहीं दर्ज थी। अक्सर जहरखुरानी, चोरी, पर्स लूट व छेड़छाड़ की घटना में टेंपो व ई-रिक्शा की पहचान नहीं हो पाती। साथ ही अवैध रूप से चलने वाले आटो, टेंपो के चलते यातायात व्यवस्था भी चरमरा जाती है। इसे देखते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आपरेशन नकेल के तहत टेंपो को यूनिक नंबर देने की पहल की है। इसके तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर टेपों को रोककर मौके पर ही पेंटर के जरिये बड़े अक्षरों में चार अंकों का नंबर लिखवाया गया है, ताकि दूर से ही इनकी पहचान हो सके और लोग भी टेंपो में बैठने से पहले सुरक्षित महसूस करें। मौके पर नंबर दर्ज करने के साथ पुलिस ने टेंपो का रिकार्ड दर्ज किया है। इसमें चालक का नाम और नंबर भी दर्ज किया गया है। अब तक 730 आटो पर नंबर डालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं 52 आटो शेष रह गए हैं। पुलिस इनके चालकों से संपर्क कर रही है। लेकिन, कोई जिले से बाहर है तो किसी का फोन ही बंद है। इधर, यूनिक नंबर की मदद से लोगों को फायदा होने लगा है। बुधवार को कंपनीबाग बस अड्डे पर उतरे एक यात्री का बैग टेंपो में रह गया था। उसने फौरन टेंपो का नंबर बताकर पुलिस को सूचना दी। इस आधार पर पुलिस ने टेंपो चालक से संपर्क साधा और बैग को सकुशल बरामद कर लिया। एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र ने बताया कि यूनिक नंबर की मदद से लोगों के खोया सामान वापस कराने में मदद मिल रही है।

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