पर्यावरण के प्रति जागरुक हो रहे युवा, हरियाली का जगा रहे अलख Aligarh news

धरती पर हरियाली है तो सब कुछ संभव है। शहर के युवा यही संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं एनजीओ से जुड़े युवा पौधारोपण के प्रति न सिर्फ लोगों को जागरुक कर रहे हैं बल्कि लक्ष्य तय कर खुद भी पौधारोपण कर रहे हैं।

Anil KushwahaMon, 14 Jun 2021 07:11 AM (IST)
युवा सड़कों पर निकल कर राहगीरों को निश्शुल्क पौधे वितरित कर रहे हैं।

अलीगढ़, जेएनएन।  धरती पर हरियाली है तो सब कुछ संभव है। शहर के युवा यही संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं, एनजीओ से जुड़े युवा पौधारोपण के प्रति न सिर्फ लोगों को जागरुक कर रहे हैं, बल्कि लक्ष्य तय कर खुद भी पौधारोपण कर रहे हैं। सड़कों पर निकल कर राहगीरों को निश्शुल्क पौधे वितरित किए जा रहे हैं। जिन पौधों काे लगाया गया, उनकी सुरक्षा का भी संकल्प ये युवा ले रहे हैं। इन युवाओं की यह मुहिम कारगर रही तो निश्चित ही अगले कुछ सालों में शहर हरा-भरा नजर आएगा। प्रदूषण मुक्त वातावरण में लोगों को शुद्ध हवा मिलेगी।

हरियाली के प्रति लोगों को कर रहे जागरूक

सहारा एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट से भी कई युवा जुड़े हुए हैं, जो पिछले काफी समय से हरियाली के प्रति लाेगों को जागरुक कर रहे हैं। जगह-जगह पौधारोपण कर इन युवाओं ने पौधों की सुरक्षा संकल्प लिया है। वहीं, विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 10 हजार पौधों का निश्शुल्क वितरण भी किया। सड़क, कालोनियों में इन युवाओं में राहगीर, भवन स्वामियों को पौधे देकर इनकी देखभाल करने का वचन लिया। संस्था के अध्यक्ष शाह फहद खान ने बताया कि उनका प्रयास है कि हर व्यक्ति एक पौध जरूर लगाए। इसके लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। संस्था के सदस्यों में अलीगढ़ में 20 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। कोरोना महामारी ने हम सभी का बता दिया है कि आक्सीजन कितनी जरूरी है। वृक्षों की कमी से प्रदूषण बढ़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग की समय-समय पर चेतावनी दी जा रही है। अगर हम सभी पर्यावरण को बचाने के लिए अभी आगे नहीं आए तो आने वाला समय बहुत कष्टकारी होगा। विकास कार्यों के लिए लाखों पेड़ काट दिए जाते हैं, लेकिन पौधारोपण कागजों तक सीमित रहता है। पौधे लगाए भी जाते हैं तो देखरेख नहीं हाेती, जिससे पौधे पनप नहीं पाते। ऐसे पौधारोपण अभियान का क्या लाभ। पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा का दायित्व भी हमारा है। जिस दिन ये बात हर व्यक्ति समझ जाएगा तो कोई पौधा मुरझाएगा नहीं और वृक्ष बनकर पर्यावरण चुनौतियां का सामना करेगा। एएमयू के छात्र भी संस्था से जुड़कर इस मुहिम में लगे हुए हैं। इनमें शाह फराज खां, अब्दुल्ला उमर, अब्दुल कादिर, सऊद असलम, मोहम्मद काजिम अजीज, अबसार अहमद खान व फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी कामिनी जादौन, मोहम्मद आदिल, मुबीन, रेहान मिर्जा आदि सहयोग कर रहे हैं।

 

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