विद्यार्थियों के विकास के लिए तैयार होंगे यूथ व इको क्लब, ऐसे मिलेगी सुविधा Aligarh News

क्लबों के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये भी आवंटित किए जाएंगे।

क्लबों के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये भी आवंटित किए जाएंगे। प्रधानाचार्यों को यूथ व इको क्लब का प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। शुरुआती चरण में राजकीय विद्यालयों में ये व्यवस्था करने की योजना है। इससे छात्र-छात्राओं को फायदा होगा।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 03:07 PM (IST) Author: Sandeep Saxena

अलीगढ़, जेएनएन। माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए यूथ व इको क्लब का निर्माण किया जाएगा। इसके जरिए छात्र-छात्राओं का व्यक्तिगत व सामूहिक विकास किया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों के खेल के मैदान, खेल के उपकरण, लाइब्रेरी, संगीत एवं कला कक्ष व ऑडिटोरियम आदि को उपयोग में लाया जाएगा। क्लबों के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये भी आवंटित किए जाएंगे। प्रधानाचार्यों को यूथ व इको क्लब का प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। शुरुआती चरण में राजकीय विद्यालयों में ये व्यवस्था करने की योजना है। इनमें सफलता के बाद अन्य एडेड व वित्तविहीन विद्यालयों में भी ये सुविधा विद्यार्थियों को मिलेगी।

सामूहिक विकास को बढ़ावा देना जरूरी

अफसरों के निरीक्षण व सर्वे में ये तथ्य सामने आए हैं कि राजकीय व एडेड माध्यमिक विद्यालयों में खेल के मैदान, ऑडिटोरियम हॉल, लाइब्रेरी व संगीत एवं कला कक्ष अनुपयोगी पड़े हैं। किन्हीं विद्यालयों में दो-दो कक्ष एक ही गतिविधि के लिए तैयार हैं। यहां इको व यूथ क्लब तैयार कर विद्यार्थियों के बीच ड्रामा, वाद-विवाद प्रतियोगिता, खेलकूद व संगीत आदि प्रतियोगिताएं कराकर उनका सामूहिक विकास को बढ़ावा देना है। खेल के मैदान व लाइब्रेरी का उपयोग छुटि्टयों के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राएं कर सकेंगे। अवकाश के दौरान भी विद्यार्थी कॉलेज में यूथ व इको क्लब का उपायोग करें ऐसी व्यवस्था पहली बार माध्यमिक विद्यालयों में की जा रही है। जिले में 35 राजकीय विद्यालय, 94 एडेड व करीब 625 वित्तविहीन कॉलेज हैं।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत मंजूर यूथ व इको क्लब

इको व यूथ क्लब को समग्र शिक्षा अभियान के तहत मंजूर किया गया है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही स्कूलों में पंजीकरण व छात्रों के ठहराव में भी सुधार की आशा जगेगी। इको क्लब से विज्ञान तकनीकि व जैव चिकित्सा के क्षेत्र में रुचि पैदा होगी। विद्यालय के वरिष्ठ िशिक्षक को क्लब का नोडल बनाया जाएगा।

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विद्यार्थियों के समग्र विकास व विद्यालय आने के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाने के उद्देश्य से ये फैसला शासनस्तर से किया गया है। विद्यालयों में सुविधाओं व व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

डाॅ. धर्मेंद्र कुमार शर्मा, डीआइओएस

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