स्‍वच्‍छता अभियान में महिलाएं व बालिकाएं बनेंगी सहभागी, जागृत होगी सुरक्षा व सम्‍मान की भावना Aligarh news

कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था को लेकर बालिका विद्यालयों से नगर निगम ने मुहिम शुरू की है।

सड़कों पर जगह-जगह कूड़े का ढेर यूं ही नहीं लगा रहता। काफी खामियां नगर निगम की व्यवस्थाओं की हैं तो कुछ कमियां शहरवासियों की भी हैं। घरों से निकला कूड़ा निगम के वाहनों में न डालकर इधर-उधर फेंक दिया जाता है।

Anil KushwahaTue, 02 Mar 2021 06:05 AM (IST)

अलीगढ़, जेएनएन : सड़कों पर जगह-जगह कूड़े का ढेर यूं ही नहीं लगा रहता। काफी खामियां नगर निगम की व्यवस्थाओं की हैं तो कुछ कमियां शहरवासियों की भी हैं। घरों से निकला कूड़ा निगम के वाहनों में न डालकर इधर-उधर फेंक दिया जाता है। गीला व सूखा अलग-अलग (पृथक्करण) करने के वजाय एक ही जगह एकत्र होता है। इस कूड़े को पुन: उपयोग करने में मुश्किल होती है। नगर निगम द्वारा कूड़ा पृथक्करण के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए लगातार अभियान भी चले, लेकिन अधिक लाभ नहीं मिल सका। अब कार्यशालाएं आयोजित कर महिलाओं को स्रोत पर ही कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था करने की जानकारी दी जा रही है। 

नगर निगम की मुहिम

कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था को लेकर बालिका विद्यालयों से नगर निगम ने मुहिम शुरू की है। इंटर कालेजों में निगम की टीमें पहुंच कर इसकी जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा मोबाइल पर स्वच्छता एप भी डाउनलोड कराया जा रहा है, जिससे स्वच्छ सर्वेक्षण में अधिक से अधिक फीडबैक मिल सके। नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि एक लाख महिलाओं को स्रोत पर ही कूड़ा पृथक्करण व्यवस्था की जानकारी देने का लक्ष्य तय किया गया है। आठ मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक ये मुहिम चलेगी। टीकाराम बालिका इंटर कालेज में इसके लिए कार्यशाला आयोजित की गई थी। कार्यशाला में स्टाफ व छात्राओं के मोबाइल पर स्वच्छता एप भी डाउनलोड कराए गए। नगर आयुक्त ने बताया कि महिलाएं घर पर ही कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था करेंगी तो नगर निगम के वाहनों को कूड़ा लेने में आसानी रहेगी। निगम के वाहनों मेें गीला व सूखा एकत्र करने की अलग व्यवस्था है। भवनों व डलाव घरों से एकत्र कूड़ा एटूजेड प्लांट लाया जाता है, यहां इसकी जैविक खाद बनाई जाती है। 

सहभागी रहेंगी महिलाएं

नगर आयुक्त ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक नगर निगम के हर कार्यक्रम में महिला व बालिकाएं सहभागी होंगी। इसके पीछे उद्​देश्य है कि उनमें सुरक्षा और सम्मान की भावना जागृत हो। महिला स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जा रहा है। महिलाओं को सरकारी योजनाओं व शहर में सुरक्षा के किए गए इंतजामों की जानकारी दी जा रही है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.